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ऐतिहासिक दीपोत्सव: 7 लाख 51 हजार दीपों से रोशन हुआ बिहार का मुंगेर, मंत्रोच्चार के साथ की गई गंगा महाआरती

by Rakesh Pandey
7 लाख 51 हजार दीपों से रोशन हुआ बिहार का मुंगेर
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स्पेशल डेस्क, पटना। प्रकाश पर्व दिवाली पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। हर कोई अपने घर को सजाने संवारने में लगा हुआ है। बिहार के मुंगेर में भी अयोध्या की तर्ज पर शनिवार को 7.51 लाख दीप जलाकर दिवाली मनाई गई। 6 हजार एकड़ जमीन पर ये दीप जलाए गए। इसके लिए 150 किलो घी और 5,000 लीटर सरसों तेल की व्यवस्था की गई थी।

7 लाख 51 हजार दीपों से रोशन हुआ बिहार का मुंगेर

बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय से 24 किलोमीटर दूर बरियारपुर प्रखंड के बड़ी दुर्गा महारानी कल्याणपुर परिसर में शनिवार की शाम ऐतिहासिक दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड 7 लाख 51 हजार दीप जलाए गए। इस दीपोत्सव में जिला प्रशासन के अलावा क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मुंगेर सांसद ललन सिंह ऑनलाइन हुए शामिल
दीपोत्सव के पहले मां दुर्गा की आरती की गई। इसके बाद मां गंगा की महाआरती हुई। इस ऐतिहासिक दीपोत्सव का शुभारंभ भागलपुर प्रक्षेत्र के डीआईजी विवेकानंद, मुंगेर डीएम अवनीश कुमार सिंह, मुंगेर एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, डॉ नीतीश चंद्र दुबे द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुंगेर और भागलपुर से आए पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा महाआरती की। इस दौरान बड़ी दुर्गा महरानी मंदिर कल्याणपुर के प्रांगण में शुद्ध घी से 7.51 लाख दीप जलाए गए। वहीं, मुंगेर सांसद ललन सिंह ऑनलाइन दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।

बिहार का सबसे बड़ा दीपोत्सव
बड़ी दुर्गा मंदिर महरानी कल्याणपुर से लेकर एनएच-80, की सड़कों तक जाने वाले हर गलियों में 7 लाख 51 हज़ार दीप जलाए गए। इसके अलावा दुर्गा मंदिर गली से लेकर एनएच तक 2 लाख मोमबत्तियां जलाकर दीपोत्सव मनाया गया। बरियारपुर थाना क्षेत्र के बड़ी दुर्गा महारानी कल्याणपुर के प्रांगण में भव्य दीपोत्सव और गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। इसे बिहार की सबसे बड़ी दीपावली भी बताया जा रहा है। दीप जलाने के लिए बिहार के साथ दूसरे राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी हिस्सा लिया। इस पूरे कार्यक्रम का ड्रोन शूट भी कराया गया। दीप जलाने के लिए मुंगेर के कई प्रखंड के अलावा अन्य प्रदेशों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे मौजूद थे। दीपोत्सव को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नि:स्वार्थ दीपोत्सव की सफलता के लिए अपना सहयोग दे रहे थे।

तिल या सरसों तेल से दीप जलाने की अपील
इस अवसर पर डॉ नीतीश चंद्र दुबे ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि दिवाली पर अपने घरों में दीप जलाने के लिए केरोसिन तेल का इस्तेमाल न करें, क्योंकि उससे वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जहां तक हो सके दीप जलाने के लिए तिल या फिर सरसों तेल का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य के सबसे बड़े दीपोत्सव को सफल बनाने में यूथ क्लब कल्याणपुर, काली पूजा समिति, बड़ी दुर्गा मंदिर समिति सहित ग्रामीणों का प्रमुख सहयोग रहा है।

दीपोत्सव कार्यक्रम में बना नया रिकॉर्ड
आयोजक समिति के सदस्य ने बताया कि बिहार के सबसे बड़े दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन सबसे पहले वर्ष 2019 में 1 लाख दिए जलाकर किया गया था, जिसके बाद वर्ष 2020 में 2 लाख 51 हजार, वर्ष 2021 में 5 लाख दीप जलाकर भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ। पूर्व के वर्ष 2022 में 6 लाख दीप जलाकर बिहार का सबसे बड़ा दीपोत्सव मनाया गया था। वहीं, इस बार 7 लाख 51 हज़ार दीप जलाकर राज्य का सबसे बड़ा दीपोत्सव मनाया गया। दीपोत्सव देखने आए लोगों ने बताया कि वे इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में दीपोत्सव को नहीं देखा। इसे देखने के बाद ऐसा लगा कि स्वर्ग जो है वो धरती पर आ गया है। इस दीपोत्सव की चर्चा बिहार ही नहीं, बल्कि बिहार के बाहर भी हो रही है।

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