
Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर शहर के कपड़ा पट्टी स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा शनिवार को भक्तिमय माहौल में संपन्न हो गई। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान की भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।
भागवत कथा धर्म और सेवा का मार्ग दिखाती है: सर्वेश्वरानंद जी महाराज
वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक महाराज श्री सर्वेश्वरानंद जी ने समापन प्रवचन में श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, सत्य, प्रेम और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं एवं भक्ति के महत्व का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति समर्पण से जीवन में सुख, शांति और सद्गति प्राप्त होती है।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय रहा माहौल
सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन एवं संगीतमय प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। कथा के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में डूबा रहा। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
आयोजन समिति ने जताया आभार
आयोजन समिति की ओर से कथा के सफल आयोजन पर सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, महिला-पुरुष एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


