
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत बाइपास रोड किनारे तांबो चौक से लेकर डीसी ऑफिस तक सरकारी जमीन कब्जा कर व्यवसाय करने वाले मालिकों की अब खैर नहीं होगी। जिला प्रशासन ने इस अतिक्रमण (गैरकानूनी कब्जे) को अब गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है।
नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटा लेने का निर्देश
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद सदर अंचलाधिकारी द्वारा इस संबंध में अतिक्रमणकारियों को बाकायदे नोटिस भेजा जा रहा है। अंचलाधिकारी ने इस नोटिस के माध्यम से निर्देश दिया है कि अतिक्रमणकारी नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटा ले। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया जाता है, तो अतिक्रमण बलपूर्वक हटाया जाएगा। और इस कार्य में जो भी खर्चा आएगा, वह संबंधित अतिक्रमणकारी से वसूला जाएगा।
एक्सीडेंट में कमी लाने के लिये अतिक्रमण हटाना जरूरी
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि तांबो चौक से डीसी ऑफिस के बीच सड़क किनारे दर्जनभर से अधिक आधारभूत अतिक्रमण संरचना खड़ी की गयी है। मालिकों ने टीन शेड तथा पक्का फर्श बनाकर स्थायी स्वरूप का अतिक्रमण स्थापित कर लिया है। इससे सड़क दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। कई स्थानों पर सड़क और अतिक्रमण के बीच महज तीन से चार फीट का ही अंतर रह गया है। इस कारण ग्राहक सड़क पर गाड़ी खड़ी कर नाश्ता करते हैं। ऐसे में एक्सीडेंट की आशंका नहीं, बल्कि निश्चित है। इसलिये एक्सीडेंट में कमी लाने के लिये अतिक्रमण हटाना जरूरी है।
1000 वर्गफीट तक जमीन अतिक्रमित
अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि हौसले बुलंद अतिक्रमणकारियों ने 200 से लेकर 1000 वर्गफीट तक की सड़क की सरकारी जमीन पर अतिक्रमित कर लिया है। वह भी टीन शेड वगैरह से स्थायी रूप से जमीन ढलाई कर किया गया है। कुछ लोग तो दुकान बनाकर फिर दूसरों को किराए पर दे दिया है।
नोटिस के बाद व्यवसायियों में हड़कंप
जिला प्रशासन के इस फरमान के बाद व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। उनको समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। क्योंकि ये लोग चार-पांच वर्षों से अधिक समय से होटल, हड़िया दुकान, लड जीलू दुकान आदि चला रहे थे और खूब आमदनी भी अर्जित कर रहे थे। लेकिन इस बार इस अतिक्रमण को जिला प्रशासन ने संज्ञान में ले लिया और एक्शन चालू हो गया।
सीओ का फरमान बेअसर
अंचलाधिकारी द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद भी अतिक्रमणकारियों पर इसका कोई असर नहीं दिखा है। नोटिस मिलने के बाद भी अतिक्रमण यथावत है। और व्यवसाय भी। हालांकि वे एक दूसरे को देख रहे हैं कि कौन पहले अतिक्रमण हटाना चालू करेगा।


