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RANCHI DISTRICT ADMINISTRATION: डीसी ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों संग की बैठक, व्यवस्था दुरुस्त करने का दिया निर्देश, देखें जिला प्रशासन की अन्य खबरें

by Vivek Sharma
RANCHI: रांची में डीसी ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा योजनाओं की समीक्षा कर पारदर्शिता, 100% नामांकन और लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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RANCHI: शनिवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में अलग-अलग विभागों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य सेवाओं, बैक टू स्कूल और राजस्व संग्रहण को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हर जगह व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

सबसे पहले स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें कुपोषण उपचार केंद्र में शत-प्रतिशत भर्ती कराने तथा उनके समुचित इलाज और पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के चयन को लेकर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भूमि से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा

आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान कांके और सोनाहातू क्षेत्रों में भूमि से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बेड़ो और मांडर प्रखंडों में कुपोषण उपचार केंद्रों में कम नामांकन पर नाराजगी जताते हुए संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं को शोकॉज जारी किया गया और उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे रसोई, बिजली, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। लंबित बिजली कनेक्शन को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

प्रसव और टीकाकरण पर जोर

स्वास्थ्य सेवाओं के तहत संस्थागत प्रसव और टीकाकरण पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योग्य लाभार्थियों तक टीकाकरण सेवाएं पहुंचाई जाएं और ड्यू लिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप में 100 प्रतिशत डाटा एंट्री को अनिवार्य बताया गया। जनजागरूकता को लेकर भी उपायुक्त ने अधिकारियों को झोलाछाप डॉक्टरों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

15 से 30 तक नामांकन अभियान

स्कूल रूआर-2026 (बैक टू स्कूल) अभियान की भी शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य जिले में सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, पारगमन और ड्रॉपआउट रोकना है। 15 से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन कराया जाएगा। इसके अलावा 13 अप्रैल को निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शुल्क नियंत्रण, शिकायत निवारण और आरटीई के तहत 25% सीटों पर नामांकन सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी।

राजस्व संग्रहण के लिए वसूली पर जोर

उपायुक्त की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधनों से राजस्व संग्रहण को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक की प्रगति प्रस्तुत की। परिवहन विभाग ने 41047.51 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 47501.13 लाख की वसूली कर 115% उपलब्धि हासिल की। वहीं उत्पाद विभाग ने 123.98% और खनन विभाग ने 129.60% राजस्व संग्रहण दर्ज किया। हालांकि मत्स्य विभाग केवल 60.52% लक्ष्य ही प्राप्त कर सका, जिस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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