RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची में नगर निगम की दुकानों का किराया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ निगम अब सख्ती के मोड में है। नगर निगम के अनुसार शहर की विभिन्न मार्केट में निगम की दुकानों से साढ़े 6 करोड़ रुपये से अधिक का किराया बकाया हो चुका है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम प्रशासन ने 258 दुकानदारों की सूची जारी की है, जिन्होंने लंबे समय से किराया जमा नहीं किया है। इन दुकानदारों से न केवल किराया वसूला जाएगा, बल्कि पेनाल्टी भी वसूल की जाएगी। इतना ही नहीं दुकानों को सील भी किया जाएगा। बता दें कि रांची नगर निगम ने शहर में दुकानें और जमीन किराए पर दी थी। जिसके बदले में उनसे किराया वसूला जाता है।
नोटिस के बावजूद नहीं खुली नींद
जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने कई बार इन दुकानदारों को नोटिस और चेतावनी जारी की, इसके बावजूद अधिकांश दुकानदारों ने बकाया राशि चुकाने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। निगम अधिकारियों का कहना है कि कुछ दुकानों पर तो लाखों रुपये तक का किराया बकाया है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बकाया राशि शहर के विकास कार्यों पर भी असर डाल रही है। निगम की आय का एक बड़ा हिस्सा इन दुकानों के किराये से आता है, जिसका उपयोग सड़क, सफाई, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाता है। ऐसे में किराया न मिलने से विकास योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
निगम ने दी अंतिम चेतावनी
प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए बकायेदार दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। निगम की ओर से अंतिम चेतावनी जारी की गई है कि यदि जल्द ही बकाया राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित दुकानों को सील करने और आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। नगर निगम ने यह भी साफ किया है कि जिन दुकानदारों पर अधिक बकाया है, उनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कुछ मामलों में दुकानों की नीलामी या पुनः आवंटन की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
अधिकारियों से मांग रहे मोहलत
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि आर्थिक मंदी के कारण कई दुकानदारों की स्थिति कमजोर हुई है, जिसकी वजह से वे समय पर किराया नहीं चुका पा रहे हैं। हालांकि निगम का मानना है कि अब स्थिति सामान्य हो चुकी है, इसलिए बकाया चुकाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के अन्य दुकानदारों के बीच भी हलचल मच गई है। कई दुकानदार अब बकाया चुकाने के लिए निगम कार्यालय का रुख कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई से बचा जा सके। वहीं कुछ दुकानदार थोड़ी मोहलत मांग रहे है। बार-बार ये लोग अधिकारियों के पास गुहार लगा रहे है कि किराए में राहत दी जाए।
वेबसाइट पर दुकानदारों की लिस्ट जारी
नगर निगम ने डिफॉल्टर दुकानदारों की लिस्ट वेबसाइट पर जारी कर दी है, जिसमें दुकानदारों के नाम, एरिया और बकाया राशि भी लिखा है। इसमें दुकानदारों के हजारों से लेकर लाखों रुपये बकाया की डिटेल है। इसे लेकर नगर निगम ने कार्रवाई भी शुरू की है। नोटिस के बाद अब दुकानों को सील किया जाएगा। वहीं दुकानों को खाली कर नए सिरे से नई दरों पर आवंटन किया जाएगा।

