
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में दुर्लभ और आकर्षक ऑर्किड प्रजातियों के संरक्षण और उनके प्रदर्शन के लिए ऑर्किडेरियम सह एक्सपोजिशन सेंटर विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। रांची नगर निगम ने इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की है और सलाहकार का चयन किया जाएगा। प्रस्तावित केंद्र सहजानंद चौक के पास विकसित करने की योजना है।
ऑर्किडेरियम एक ऐसा केंद्र होगा, जहां विभिन्न प्रजातियों के ऑर्किड का संरक्षण, संवर्धन और प्रदर्शन किया जा सकेगा। यहां लोगों को ऑर्किड की अलग-अलग प्रजातियों, उनके प्राकृतिक आवास और संरक्षण के तरीकों की जानकारी भी मिल सकेगी। परियोजना की विस्तृत रूपरेखा डीपीआर में तय होगी।
दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण में मदद
ऑर्किड की कई प्रजातियां प्राकृतिक जंगलों और विशेष पर्यावरणीय परिस्थितियों में पाई जाती हैं। ऐसे केंद्र के माध्यम से स्थानीय और अन्य क्षेत्रों में पाई जाने वाली ऑर्किड प्रजातियों को संरक्षित करने तथा उनके संवर्धन के प्रयास किए जा सकते हैं। इससे जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन का नया आकर्षण बन सकता है
रांची पहले से ही अपने प्राकृतिक स्थलों और हरियाली के लिए जाना जाता है। शहर के बीच ऑर्किडेरियम विकसित होने से यह पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों के लिए नया आकर्षण बन सकता है। यहां फूलों और पौधों की विभिन्न प्रजातियों को देखने के लिए लोग पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ आसपास के छोटे कारोबार को भी लाभ मिल सकता है।
विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को भी फायदा
ऑर्किडेरियम का उपयोग शैक्षणिक और शोध गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है। स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थी यहां पौधों एवं जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक जानकारी हासिल कर सकेंगे। वहीं वनस्पति विज्ञान और पर्यावरण से जुड़े शोधकर्ताओं को ऑर्किड की प्रजातियों के अध्ययन के लिए एक अतिरिक्त संसाधन मिल सकता है।
डीपीआर से तय होगी परियोजना की तस्वीर
सलाहकार के चयन के बाद तैयार होने वाली डीपीआर में केंद्र के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, संरक्षण एवं प्रदर्शन की व्यवस्था, संभावित लागत और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

