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RANCHI NEWS: राजधानी को मिल गया एक और फ्लाईओवर, 10 मिनट में 4 किलोमीटर का सफर होगा पूरा

by Vivek Sharma
राजधानी को मिल गया एक और फ्लाईओवर
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RANCHI (JHARKHAND): केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को राजधानी के बहुप्रतीक्षित रातू रोड फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। 558 करोड़ की लागत से निर्मित इस पुल की लंबाई चार किलोमीटर से अधिक है। जिससे कि आधे घंटे लगने वाला समय महज 10 मिनट में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार मैं रांची आया था। उस समय सीपी सिंह ने इस जगह मुझे लाकर बताया था कि एक फ्लाईओवर की जरूरत है। वहीं संजय सेठ जी ने भी फ्लाईओवर की मांग को दोहराया। इस पर विभाग ने कहा कि ये निगम स्तर पर बनाया जा सकता है। लेकिन संजय सेठ ने पीछा नहीं छोड़ा। लगातार फालोअप करते रहे और आज फ्लाईओवर पूरा हुआ।

6 हजार करोड़ से बनेगा आउटर रिंग रोड

उन्होंने कहा कि आउटर रिंग रोड के लिए 6 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिसका डीपीआर बनाने का आदेश दे दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संजय सेठ की मांग थी कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार करने की जरूरत है। हमलोगों ने इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत नागपुर में करने का टेंडर फाइनल कर दिया है। जहां 135 सीटर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट में इसकी शुरुआत नागपुर में हो रही है। अब रांची का इलेक्ट्रिक बस चलाने के लिए सेलेक्शन हमलोगों ने किया है। जहां पर हमारा अगला प्रोजेक्ट होगा।

1 लाख करोड़ से झारखंड में कॉरिडोर का निर्माण

उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार आई। उस समय हमें कहा गया कि हिंदुस्तान के इंफ्रास्ट्रक्टर को बढ़ाना जरूरी है। हमलोगों ने उसके बाद से 7 वर्ल्ड रिकार्ड किए है। देश में लॉजिस्टिक कॉस्ट 16 परसेंट से घटकर 10 पर आई है। जिसे 9 पर लाने का लक्ष्य है। अमेरिका के रोड अच्छे है तो वहां का इंफ्रास्ट्रक्टर बेहतर होगा ही। कुछ ऐसा ही हमने भारत के लिए सोचा है। हम ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहे है। अनेक जगहों पर ट्रैफिक जाम होते थे तो लोगों को रूकना पड़ता था। झारखंड में 1 लाख करोड़ खर्च कर झारखंड में बड़े कॉरिडोर बनाए जा रहे है।

ऊर्जा दाता बन गया हमारा किसान

नितिन गडकरी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की इस धरती का सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक रूप से विकास हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे है। जिससे कि युवाओं को रोजगार मिलेगा। किसानों को भी प्रशिक्षित करते हुए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड में जितनी बारिश होती है उसके लिए जल संरक्षण का काम करेंगे। सीएम और सीएस से आग्रह है कि वे इसके लिए कदम बढ़ाए। उन्होंने कहा कि आज किसान केवल अन्नदाता नहीं रहा। अब हमारा किसान उर्जा दाता बन गया है। ब्रोकन राइस और पराली से ईंधन तैयार किया जा रहा है। हवाई ईंधन तैयार किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन से चलने वाली कार मेरे पास है जो पानी से ईंधन बनाकर चलती है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी को पहुंचाएंगे तो रोजगार के लिए युवाओं को कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी।

40 सालों का सपना हो गया पूरा

केंद्रीय मंत्री सह सांसद संजय सेठ ने कहा कि आज रांची के लिए जाममुक्त रातू रोड का 40 सालों का सपना पूरा हो गया। लोगों को जाम से जूझना पड़ता था। एक समय था जब लाल मिट्टी वाली सड़क थी। हम लाल हो जाते थे। 1983 में हमलोग तीन दिन का अनशन में बैठे थे। पटना से एक्जीक्यूटिव इंजीनियर आए तो बोल्डर बिछाया गया। इसके बाद हमलोगों ने रोड के कालीकरण कराने की की योजना बनाई। 1985 में फिर संकल्प लिया कि काली करण होना चाहिए और हमलोग धरने पर बैठे। इस बार फिर इंजीनियर आए तो रोड का कालीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि पक्ष हो या विपक्ष जो भी मांग करता है हमारे विकास पुरुष नितिन गड़करी उसे पूरा जरूर करते है।

उन्होंने कहा कि रांची के लिए आपने रिंग रोड तो बना दिया। अब आउटर रिंग रोड बना दीजिए तो आने वाले 40-50 सालों में रांची सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का संकल्प है है विकसित भारत का। इसके अलावा उन्होंने कई और मांगें रखी। जिस पर नितिन गडकरी ने उसे पूरा करने का आश्वासन दिया है। रांची बड़ा शहर हो गया है। 18-19 लाख की आबादी है। आवागमन में भी परेशानी होती है। भौगोलिक स्थिति के हिसाब से मेट्रो नहीं आ सकती। एक इलेक्ट्रिक बस चलती है। वह अगर रांची को मिल जाए तो बड़ी राहत हो जाएगी। 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी से जो मांगा था वह उन्होंने दे दिया था।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 3800 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास किया है। रांची के लोगों की लंबे समय से चल रही मांग पूरी हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का काम चल रहा है। झारखंड में भी इसकी झलक दिख रही है।

हाईलाइट्स

  • रातु रोड एलेविटेड कॉरिडोर का हुआ उद्घाटन, जाम से मिलेगी राहत
  • रांची वासियों को जाम से मिलेगी मुक्ति 10 मिनट में सफर होगा पूरा
  • 558 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ रातु रोड एलेविटेड कॉरिडोर
  • 101 पिलर पर खड़े इस कॉरिडोर में तीन रैम्प बनाए गए हैं और फोर लेन का ऐलिवेटेड कॉरिडोर
  • ऐलिवेटेड कॉरिडोर पर वाहनों के साउंड कंट्रोल के लिए लगाए गए है ग्लास

पुरोहितों ने किया विशेष मंत्रोचारण और शंखनाद

ऐलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन के अवसर पर ओटीसी ग्राउंड सभा स्थल पर रांची के सैकड़ों पुरोहित की टीम ऐलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन का गवाह बने। पुरोहितों के विशेष मंत्रोचारण और शंखनाद बजाए गए। इस दौरान मोबाइल के स्क्रीन पर लोगों की टिकी रही निगाहें। उद्घाटन को देखने के लिए युवा व बुजुर्ग सभी ओटीसी ग्राउंड में सुबह से जुटने लगे थे। लोगों के लिए स्वच्छ पानी, अग्निशमन वाहन और शौचालय के भी खास इंतजाम किए गए थे। साथ ही महिला पुरुष के बैठने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। मौके पर संजय सेठ, दीपक बिरुआ, सीपी सिंह, महुआ माजी, रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

एनएचएआई का पहला प्रोजेक्ट जिसमें बुलेटप्रूफ ग्लास

एलिवेटेड कॉरिडोर की प्रोजेक्ट डायरेक्टर एकता कुमारी ने बताया कि रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर एनएचएआई का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें बुलेटप्रूफ ग्लास का इस्तेमाल हुआ है। दरअसल, नागा बाबा खटाल से लेकर किशोरी सिंह यादव चौक पुराने बस स्टैंड के समीप तक राजभवन का एरिया आता है। राजभवन की सुरक्षा को देखते हुए वहां बुलेटप्रूफ ग्लास, साउंडलेस बैरियर और व्यू कटर लगाया गया है। बुलेट प्रूफ बैरियर राजभवन की सुरक्षा करेगा, तो साउंडलेस बैरियर फ्लाईओवर के आसपास रहनेवाले लोगों को गाड़ी के शोर-शराबे से बचाएगा। इससे न केवल घर, आफिस और दुकानों के लोग परेशानियों से बचेंगे बल्कि फ्लाईओवर के आसपास स्थित क्लिनिक, हॉस्पिटल और स्कूल भी वाहनों के शोर-शराबे से डिस्टर्ब होने से बचेंगे।

शहर के रूट में किया गया था बदलाव

उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने रांची शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में फेर बदल किया था। सुबह 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक शहर में सभी प्रकार के बड़े मालवाहक वाहनों का परिचालन एवं प्रवेश वर्जित रहा। वहीं शहर में सुबह 9 से 5 बजे तक सभी छोटे मालवाहन वाहनों का भी प्रवेश वर्जित रहा। काठीटांड़, रातू, तिलता की ओर से पंडरा, पिस्का मोड़, न्यू मार्केट की ओर आने वाले सभी प्रकार के बड़े, छोटे मालवाहक वाहन, चार पहिया वाहन, बस का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहा। सिर्फ स्कूल बस व एंबुलेंस को आने-जाने की छूट थी। काठीटांड, रातू की ओर से पिस्का मोड़ की ओर आने वाले वाहन तिलता चौक से ही रिंग रोड के बाएं व दाएं मुड़कर अपने गंतव्य स्थान तक जा गए।

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