Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड के जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल एक्सएलआरआई (XLRI) ने अपने 76 वर्ष पुराने शैक्षणिक इतिहास और नैतिक नेतृत्व की विरासत को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को “33वें जेआरडी टाटा ऑरेशन ऑन बिजनेस एथिक्स” (33rd JRD Tata Oration on Business Ethics) का आयोजन टाटा ऑडिटोरियम में किया।
इस वर्ष ऑरेशन के मुख्य वक्ता वैश्विक स्तर पर बिजनेस एथिक्स के क्षेत्र में वैश्विक पहचान रखने वाले वर्ल्ड फोरम फॉर एथिक्स इन बिजनेस (World Forum for Ethics in Business) के प्रेसिडेंट डॉ. संजय प्रधान (Dr. Sanjay Pradhan) थे। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने यह प्रश्न उठाया, “बिजनेस और नैतिकता- परस्पर विरोधी हैं या पूरक?” साथ ही स्पष्ट किया कि नैतिकता किसी भी सफल व्यवसाय की गति को रोकती नहीं, बल्कि उसकी सबसे मजबूत नींव होती है।
डॉ. प्रधान ने टाटा समूह के उदाहरण, जॉनसन एंड जॉनसन के टायलनॉल रिकॉल और पैटागोनिया जैसे अभियानों के माध्यम से यह बताया कि लांग टर्म मूल्य सृजन सिर्फ नैतिक निर्णयों से ही संभव है। दूसरी ओर फॉक्सवैगन उत्सर्जन घोटाला और 2008 की वित्तीय मंदी के उदाहरण देते हुए उन्होंने चेताया कि नैतिक चूक का मूल्य बहुत भारी पड़ता है। उन्होंने डब्ल्यूएफइबी (WFEB) की थर्ड वेव अवधारणा को समझाते हुए एआई एथिक्स, रीजेनेरेटिव क्लाइमेट एक्शन और एंटी करप्शन को भविष्य की तीन प्रमुख दिशाएं बताया।
परिचय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और एक्सएलआरआई जेआरडी टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स के परिचय के साथ हुई। एक्सएलआरआई के निदेशक डॉ. (फादर) सेबास्टियन जॉर्ज एसजे ने डॉ. प्रधान की उपलब्धियों, एआई गवर्नेंस, एंटी-करप्शन व एथिकल बिजनेस पर उनके वैश्विक योगदान की चर्चा करते हुए उनका औपचारिक परिचय कराया। चेयरपर्सन डॉ. (फादर) जोसेफ मैथ्यू एसजे ने बताया कि यह फाउंडेशन 1991 से भारत रत्न जेआरडी टाटा (Bharat Ratna JRD Tata) की सोच और जेसुइट वैल्यूज (Jesuit Values) के अनुरूप नैतिक व्यावसायिक शोध, नेतृत्व और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता रहा है।
जेआरडी टाटा के एथिकल वैल्यू की दी गई जानकारी
इस दौरान डीन एडमिन फादर डोनाल्ड डिसिल्वा ने जेआरडी टाटा द्वारा देश व दुनिया को दिये गये एथिकल वैल्यू की जानकारी दी।
कॉन्शियंस और कॉम्पिटेंस जेआरडी टाटा की वास्तविक विरासत
कार्यक्रम के समापन पर डीन एकेडमिक्स डॉ. संजय पात्रो ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि एक्सएलआरआई का लक्ष्य ऐसे फ्यूचर लीडरों को तैयार करना है, जिनमें कॉन्शियंस भी हो और कॉम्पिटेंस भी। यही जेआरडी टाटा की वास्तविक विरासत है.

