
मणिपुर: कुकी समुदाय की दो आदिवासी महिलाओं को नग्न कर घुमाने व उनके साथ दरिंदगी का वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में बवाल मचा हुआ है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की इंट्री हो गयी है। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को नग्न घुमाने का वीडियो देखकर हम बहुत परेशान हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त लहजे में आदेश दिया कि इस मामले सरकार जल्द से जल्द करें नहीं तो हम एक्शन लेंगे।
इसके बाद मणिपुर की बीरेंद्र सिंह सरकार हरकत में आ गयी है। आनन-फानन में एक युवक की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। वहीं इस घटना के विरोध में हजारों आदिवासी महिलाओं के साथ ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार महिलाओं को नग्न कर घुमाने की घटना 4 मई को राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले में हुई है। इसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना के विरोध में मणिपुर के चुड़ाचांदपुर में प्रदर्शन शुरू हो गया है। हजारों लोग काले कपड़े पहनकर जमा हो गये हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इधर, मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा कि सायबर सेल को वीडियो वेरीफाई करने के लिए कहा गया है। सरकार अपराधियों के लिए मौत की सजा पर विचार कर रही है। गुरुवार सुबह एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
महिलाओं को नग्न घुमाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वीडियो देखकर हम बहुत परेशान हुए हैं। हम सरकार को वक्त देते हैं कि वो कदम उठाए। अगर वहां कुछ नहीं हुआ तो हम कदम उठाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से पूछा है कि अपराधियों पर कार्रवाई के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं। CJI ने कहा कि सांप्रदायिक संघर्ष के दौरान महिलाओं का एक औजार की तरह इस्तेमाल करना कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह संविधान का सबसे घृणित अपमान है। मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

