
चाईबासा : झारखंड के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक जनजातीय भाषाओं में तैयार हो रही पाठ्य पुस्तकों के निर्माण में टाटा स्टील फाउंडेशन का सहयोग लिया जा रहा है। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT), रांची में चल रहे कार्यशाला में राज्य की प्रमुख पांच जनजातीय भाषाओं संताली, कुड़ुख, मुंडारी, हो और खड़िया की पुस्तकों का लेखन कार्य चल रहा है। गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों के निर्माण के लिए फाउंडेशन की ओर से अनुभवी रिसोर्स पर्सन उपलब्ध कराए गए हैं।
फाउंडेशन की ओर से हो भाषा के लिए नरेश देवगम, कृष्ण चंद्र बोदरा, जगन्नाथ हांसदा और सोमा जेराई, कुड़ुख भाषा के लिए बिंदु पाहन, भुवनेश्वर उरांव, गीता कोया और किरण खलखो, संताली भाषा के लिए लेदेम मार्डी, नयन मुर्मू, भागीरथी मुर्मू और सालखन मुर्मू तथा मुंडारी भाषा के लिए सुनीता तिड़ू, सलोनी मुंडू, बिरसा पूर्ति और रायमुनी मुंडा वाक्य विन्यास, शब्दार्थ और व्याकरण के क्षेत्र में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि पुस्तक लेखन के लिए पांचों भाषाओं के सरकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं की पहले से प्रतिनियुक्ति की गई है। अब पुस्तकों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन ने अपने अनुभवी रिसोर्स पर्सन दिए हैं। इस पूरे कार्य में टाटा स्टील फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर शिव शंकर कांडेयांग का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।


