हेल्थ डेस्क : व्यस्त जीवनशैली लाइफस्टाइल और काम की अवधि बढ़ने के कारण अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड (ultra processed food) यानी अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन का चलन बढ़ा है। इन दिनों पालक पराठा, वेजिटेबल जूस, सब्जियां भी पैकेज्ड फूड यानी अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के रूप में मिलने लगे हैं। इन खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाने के लिए इन्हें बहुत अधिक प्रोसेस किया जाता है। लेकिन, ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं और कई तरह के रोगों को भी बढ़ावा देते हैं।
सेहत के लिए नुकसानदायक
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में अत्यधिक मात्रा में शुगर होती है। कई प्रोसेस्ड फूड में हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप होता है। शुगर को खाली कैलोरी भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें कोई पोषक तत्व नहीं होता है। इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। यदि समय रहते इस स्थिति को कंट्रोल न किया जाए तो मोटापा और कैंसर हो सकता है। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। यह खतरा बच्चों में अधिक रहता है।
एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जो बच्चे हफ्ते में कम से कम तीन बार ऐसी चीजें खाते हैं, उनमें अस्थमा की आशंका अधिक होती है। फ्रेंच फ्राइज़ जैसे खाद्य पदार्थों में सोडियम की अधिकता होती है। इनके सेवन से सिरदर्द होता है।
क्या है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड (ultra processed food)
अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ हर जगह हैं। अगर कहीं भोजन का विज्ञापन हो रहा है, तो अधिक संभावना है कि वह कोई अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है। हाल के अध्ययनों में अल्ट्रा प्रोसेस्ड और कई स्वास्थ्य समस्याओं के बीच मजबूत संबंध पाया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ वे खाद्य पदार्थ हैं, जो फ्रीजिंग, फर्मेंटेशन, कैनिंग, कुकिंग, ड्राइंग जैसे किसी प्रक्रिया से गुजरते हैं।
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