RANCHI: जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, वैसे-वैसे हॉस्पिटलों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में 15-20 परसेंट की बढ़ोतरी हुई हैं। करीब 500 से 600 मरीज सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित हैं। डॉक्टरों की मानें तो ठंड के मौसम में सांस से जुड़ी और हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है।
खांसी ठीक होने में लग रहे 25 दिन
हॉस्पिटलों में आने वाले मरीजों में अस्थमा, दमा, ब्लड प्रेशर, सांस फूलने और सीने में दर्द की शिकायतें भी बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं। वहीं कोल्ड डायरिया के मरीज भी बढ़ रहे है। इसके अलावा खांसी लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही है। दवा खाने के बावजूद ठीक होने में 20-25 दिन तक समय लग जा रहा है। वहीं हॉस्पिटल में हार्ट से संबंधित गंभीर लक्षण वाले मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
दिल के मरीजों को विशेष ध्यान रखना जरूरी
डॉ. आरबी दुबे का कहना है कि हार्ट अटैक या हार्ट डिजीज से पीड़ित मरीजों को ठंड से बचाव के साथ-साथ खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। चिकनाई युक्त भोजन पूरी तरह से अवॉइड करने की जरूरत है। नमक की मात्रा बहुत कम कर देनी चाहिए, क्योंकि अधिक नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। मछली, मांस, शराब, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू के सेवन पर पूरी तरह रोक लगाना होगा।
दिन-रात में 15-16 डिग्री का अंतर
ठंड के मौसम में सामान्य लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। दिन-रात के तापमान में 15-16 डिग्री का अंतर रह रहा है। दिन में रांची का तापमान जहां 24 डिग्री के आसपास है। वहीं शाम ढलते ही पारा 7-8 डिग्री पहुंच जा रहा है। रात में तो तापमान और गिरने से लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है।
ठंडी चीजों से बचकर रहें
रिम्स के डॉ. संजय सिंह की माने तो मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। सुबह और शाम की ठंड से बचना चाहिए और पूरे शरीर को ढकने वाले गर्म कपड़े पहनने चाहिए। गर्म पानी पीने और गर्म ताजा भोजन करना बेहतर रहेगा। ठंडी चीजों जैसे ठंडा पानी, आइसक्रीम या खुले आसमान के नीचे ज्यादा देर रहने से बचने की जरूरत है।
गैस भी बनती है सीने में दर्द का कारण
यदि सर्दी-जुकाम या खांसी के लक्षण दिखाई दें तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा। पेट में गैस या अपच की समस्या होने पर भी तुरंत दवा लेनी चाहिए। चूंकि गैस की शिकायत कई बार सीने में दर्द का कारण बन सकती है। डॉ. संजय ने कहा कि ठंड के मौसम में सीने में हल्का सा भी दर्द हो तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच और दवा शुरू करानी चाहिए। नियमित रूप से गर्म पानी पीना और सुबह-शाम ठंड से बचाव करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि हार्ट की बीमारी जैसे गंभीर खतरे को भी कम किया जा सकता है।

