नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में इसके लिए सत्तापक्ष व विपक्ष ने कमर कस ली है। कहा जा रहा है कि यह सत्र बेहद हंगामेदार हो सकता है।
इसमें पहले दिन ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश वाली रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है। जिसका विपक्ष कड़ा विरोध करने की तैयारी में है। मोइत्रा पर ‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के आरोप लगे हैं। इसके अलावा विपक्ष सत्तारूढ़ भाजपा पर बेरोजगारी, महंगाई, मणिपुर हिंसा और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर हमला बोलेगी।
जबकि तीन राज्यों में शानदार जीत से उत्साहित भाजपा आक्रामक तरीके से विपक्ष पर पलटवार करने की तैयारी में है। यह सत्र 19 दिन चलेगा। जिसमें कुल 21 बिल पेश होंगे। इसके साथ ही 17वीं लोकसभा का यह आखिरी शीतकालीन सत्र होगा।
सरकार ने विधायी एजेंडा पेश किया
सरकार ने शीतकालीन सत्र की 15 बैठकों के लिए भारी-भरकम विधायी एजेंडा पेश किया है। इसमें औपनिवेशिक युग के आपराधिक क़ानूनों को बदलने के लिए प्रमुख विधेयक व चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए मसौदा कानून शामिल है। साथ ही सांसद महुआ के निष्कासन को लेकर संसदीय आचार समिति की सिफारिश भी संसद में पेश की जाएगी। कहा जा रहा है कि सरकार समिति की सिफारिश अपनाने के लिए लोकसभा में प्रस्ताव पेश करेगी।
विदित हो कि सत्र की शुरुआत से ठीक पहले 2 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक हुई। जिसमें 23 दलों के 30 नेता शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने क्रिमिनल लॉ के अंग्रेजी नामकरण की मांग, महंगाई, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और मणिपुर के मुद्दों को भी उठाया।
आज कांग्रेस प्रमुख करेंगे इंडिया गठबंधन के नेताओं से मुलाकात:
चार राज्यों में चुनाव परिणामों के बाद इंडिया गठबंधन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को गठबंधन दलों के संसदीय दल के नेता कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे से उनके चैंबर में मुलाकात करेंगे। सभी विपक्षी नेता संसद में अपनी फ्लोर रणनीति पर चर्चा करेंगे।
कहा जा रहा है कि तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद गठबंधन के कई दल उसकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष उनसे मिल कर चुनाव परिणामों की स्थिति को साझा करने के साथ ही गठबंधन को और मजबूत ढंग से कैसे आगे बढ़ाया जाए इस पर चर्चा करेंगे।
सात नए विधेयक पेश किए जाएंगे:
मोदी सरकार 4 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में सात नए विधेयक लाने की योजना बना रही है। इनमें तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना और जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं को कोटा देने से जुड़े बिल शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम को रिप्लेस करने वाले प्रस्तावित कानून भी पेश किए जाएंगे।

