
रांची : झारखंड प्रशासनिक सेवा के तत्कालीन अंचल अधिकारी, धालभूमगढ़ (पूर्वी सिंहभूम) हरिश्चंद्र मुंडा पर लगे आरोपों के आधार पर विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस संबंध में संकल्प जारी किया है।
विभागीय कार्यवाही के संचालन का दायित्व सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजय सिन्हा को सौंपा गया है। वहीं, धालभूमगढ़ (पूर्वी सिंहभूम) के भूमि सुधार उप समाहर्ता को उपस्थापन पदाधिकारी नामित किया गया है।
मुंडा के विरुद्ध आरोप है कि उन्होंने मौजा जुनबनी की विभिन्न खातों की करीब 15.98 एकड़ भूमि का बिना दखल-कब्जा एवं स्थल जांच किए नामांतरण कर दिया। यह नामांतरण आवेदक प्रकाश चंद्र मुखर्जी के पक्ष में किया गया था। जबकि, संबंधित भूमि के एक हिस्से (खाता संख्या 143, प्लॉट संख्या 749) को पूर्व में ही भू-हदबंदी अधिनियम के तहत विभिन्न रैयतों को आवंटित किया जा चुका था।
उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम द्वारा मामले की जांच के बाद 8 नवंबर 2025 को आरोप पत्र गठित कर कार्मिक विभाग को कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। गठित आरोप पत्र में इन आरोपों को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया है। सरकार ने झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है।
मुंडा को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करें। जांच पदाधिकारी को 105 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में अन्य कर्मियों पर अलग से कार्रवाई चल रही है।


