
महाराष्ट्र : दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतगणना के शुरुआती रुझानों के बाद वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) पर कड़ा हमला बोला है। अन्ना हजारे ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने डेढ़ दशक पहले ‘आप’ पर भरोसा किया था, लेकिन अब शराब की दुकानों को बढ़ाने के फैसले से पार्टी की छवि बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
शराब की दुकानों के मुद्दे पर अन्ना का कड़ा बयान
अन्ना हजारे ने कहा, “दिल्ली में शराब की दुकानें बढ़ाने से दिल्लीवासियों में नाखुशी पैदा हुई है। इस फैसले से अरविंद केजरीवाल की छवि को बड़ा नुकसान हुआ। पार्टी का खराब प्रदर्शन इसी का परिणाम है।” उन्होंने यह भी कहा कि “निःस्वार्थ भाव से जनता की सेवा ही सबसे बड़ा काम है, लेकिन अरविंद केजरीवाल को यह बात समझ में नहीं आई। उन्होंने गलत रास्ते पर कदम रखा।”
केजरीवाल की जीत या हार?
अन्ना हजारे ने एक इंटरव्यू में यह भी कहा कि, “बुरे काम करने वालों को जनता एक दिन सबक सिखाएगी।” अब दिल्ली चुनाव के परिणामों के बाद ही यह साफ होगा कि क्या केजरीवाल का रास्ता सही था या गलत। वह यह भी मानते हैं कि चुनाव नतीजे ही इस बात का निर्धारण करेंगे कि कौन सही था और कौन गलत।
अन्ना आंदोलन से ‘आप’ का जन्म
यह भी उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे के नेतृत्व में हुए आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थापना की थी। विश्लेषकों का मानना है कि अन्ना हजारे का यह बयान राजनीति और आम आदमी पार्टी के भीतर एक नई बहस को जन्म दे सकता है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी के भीतर और बाहर के लोग इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

