Khunti : बेल्जियम से आई एक प्रतिनिधिमंडल टीम ने शनिवार को खूंटी जिले के तोरपा पहुंचकर फादर कॉन्स्टेंट लीवेंस से जुड़े ऐतिहासिक स्थल का दौरा किया। छोटानागपुर क्षेत्र में आदिवासी अधिकारों और न्याय की लड़ाई के इतिहास में इस स्थल को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।गौरतलब है कि यह टीम शुक्रवार शाम बेल्जियम से भारत पहुंची थी और सबसे पहले सिमडेगा गई। वहां से शनिवार को तोरपा पहुंचकर ऐतिहासिक स्थल का अवलोकन किया।
दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल अड़की प्रखंड के कोचांग के लिए रवाना हो गई।इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1885 से 1892 के बीच फादर कॉन्स्टेंट लीवेंस तोरपा में रहकर छोटानागपुर क्षेत्र के आदिवासी समुदायों के लिए लगातार काम करते रहे। उन्होंने आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
बताया जाता है कि तोरपा स्थित अपने कार्यालय में वे गांवों से आने वाले लोगों की समस्याएं सुनते थे और उनके लिए याचिकाएं तथा कानूनी अपील तैयार करते थे। साथ ही उन्होंने मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संग्रह और संरक्षण भी किया।उनके प्रयासों से हजारों लोगों को न्याय और सहारा मिला। बाद में 26 अगस्त 1892 को वे बेल्जियम लौट गए। इसके बाद 7 नवंबर 1896 को उनका निधन हो गया।

