RANCHI: रांची में प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर साल ली जाने वाली री-एडमिशन और वार्षिक फीस को लेकर पेरेंट्स परेशान है। इस संबंध में सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा ने रांची डीसी को ईमेल के माध्यम से शिकायत की है। वहीं सख्त नियम बनाने की मांग की है। जिससे कि स्कूल अलग अलग चार्ज के नाम पर पैसे न वसूल सके।
शिकायत में कहा गया है कि कई परिवार स्कूल हर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में छात्रों से री-एडमिशन फीस, एनुअल चार्ज या री इनरोलमेंट के नाम पर भारी रकम वसूलते हैं। जबकि स्टूडेंट पहले से उसी स्कूल में पढ़ रहे होते हैं। उनके एडमिशन स्टेटस में कोई बदलाव नहीं होता। शिकायत में ये भी कहा गया है कि ऐसे शुल्क अक्सर नए प्रवेश लेने वाले छात्रों की फीस के बराबर होते हैं, जिससे माता-पिता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अभिभावक पहले से ही ट्यूशन फीस, डेवलपमेंट चार्ज और अन्य निर्धारित शुल्क का भुगतान करते हैं। ऐसे में हर साल एडमिशन या इनरोलमेंट के नाम पर फीस लेना अनुचित है।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों द्वारा ली जा रही री-एडमिशन फीस या अन्य मद में लिए जाने वाले एकस्ट्रा चार्ज की जांच की जाए। फीस संरचना में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और यदि कोई संस्थान अनावश्यक या अत्यधिक शुल्क वसूल रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पहले ही मनमानी फीस वसूली पर रोक की घोषणा कर चुकी है। इसके बावजूद स्कूल मनमानी कर रहे हैं।

