Jamshedpur : पोटका विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025–26 के दौरान हुई अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों का मुद्दा विधानसभा में सोमवार को जोरदार तरीके से उठा। पोटका के विधायक संजीव सरदार के तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 335 परिवारों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है।विधायक संजीव सरदार की गैरमौजूदगी में मनोहरपुर के विधायक जगत माझी ने सदन में उनका सवाल पटल पर रखा।
आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से जवाब देते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया गया है।
684 प्रभावित परिवारों का मामला उठाया
विधायक संजीव सरदार ने अपने सवाल के जरिए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि पोटका प्रखंड क्षेत्र में कुल 684 परिवारों ने अतिवृष्टि के कारण घर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत दर्ज कर आवेदन दिया था।
स्वीकृत नहीं हुआ सभी का मुआवजा
लेकिन, सभी को अब तक मुआवजा स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र परिवारों को जल्द राहत दी जाए।सरकार ने कहा प्रभावितों की सूची दें, भुगतान किया जाएगासरकार ने जवाब में कहा कि जिन प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए। विभाग इस मामले में गंभीर है और आपदा राहत कोष में पर्याप्त राशि उपलब्ध है। पात्र परिवारों को नियमानुसार जल्द भुगतान किया जाएगा। पोटका विधायक संजीव सरदार द्वारा क्षेत्र के पीड़ित परिवारों की आवाज विधानसभा में उठाए जाने से प्रभावित लोगों को उम्मीद जगी है कि शेष परिवारों को भी जल्द मुआवजा मिल सकेगा।
पद सृजन के लंबित प्रस्ताव पर सरकार से मांगा जवाब, कर्मियों में जगी उम्मीद
झारखंड सचिवालय सेवा में लंबे समय से लंबित पद सृजन और पदोन्नति के मुद्दे को पोटका के विधायक संजीव सरदार ने विधानसभा में उठाया। उनके द्वारा पूछे गए अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि सचिवालय सेवा के अंतर्गत अतिरिक्त पदों के सृजन का प्रस्ताव विभागीय स्तर पर तैयार किया गया था। सरकार ने बताया कि समीक्षा के बाद उप सचिव के 41 और संयुक्त सचिव के 24 अतिरिक्त पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार कर विभागीय मंत्री की स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी विभागीय प्रक्रिया में लंबित है।
विधायक संजीव सरदार ने सदन में यह भी सवाल उठाया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने सभी विभागों से सचिवालय सेवा के अंतर्गत पदों की आवश्यकता को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। इसके आधार पर पद सृजन की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन लंबे समय से मामला लंबित है।सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि फिलहाल अन्य राज्यों में पदों के अनुपात का अध्ययन कर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।विधायक संजीव सरदार द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय को सदन में उठाए जाने से सचिवालय सेवा कर्मियों में उम्मीद और खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार इस पर जल्द निर्णय लेती है तो वर्षों से लंबित पदोन्नति और पद सृजन का रास्ता साफ हो जाएगा।
पोटका-डुमरिया अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा
विधायक संजीव सरदार ने विधानसभा में उठाया पोटका विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए पोटका के विधायक संजीव सरदार ने विधानसभा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने शून्यकाल के दौरान सीएचसी पोटका और डुमरिया प्रखंड अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का मामला उठाया।विधायक संजीव सरदार ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए इन अस्पतालों में स्त्री रोग, शिशु रोग, हड्डी रोग और शल्य चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं।
इसके कारण, गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।विधायक संजीव सरदार की अनुपस्थिति में मनोहरपुर के विधायक जगत माझी ने सदन में उनका प्रश्न पटल पर रखा. उन्होंने सरकार से मांग की कि पोटका और डुमरिया अस्पतालों में जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को अपने ही इलाके में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। विधायक संजीव सरदार द्वारा इस जनहित के मुद्दे को विधानसभा में उठाए जाने से क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी पहल से पोटका और डुमरिया के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है।
Read also – Jamshedpur Crime : भोजपुरी कलाकार को पुलिस ने मुसाबनी से किया बरामद, आठ दिन पहले हुई थी लापता

