रांची : बुधवार को झारखंड के चीफ इलेक्शन कमिश्नर यानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिलों के उप- निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। कहा कि मतदाताओं के घरों पर ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की जानकारी वाले स्टीकर लगाने के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि मतदाता अपने बूथ स्तर पदाधिकारी से आसानी से संपर्क कर सकें। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं की पिछली मतदाता सूची से वर्तमान सूची में मैपिंग अब तक नहीं हो सकी है, वे ईसीआईनेट के बुक-ए-कॉल फीचर का उपयोग कर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।
तैयार होगी डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची
बैठक में सभी मतदान केंद्रों पर एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि विस्थापित या ध्वस्त मकानों के पुराने पते पर दर्ज मतदाताओं को शिफ्टेड सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। मतदाताओं की सूची तैयार करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची अलग से तैयार की जाएगी।
रफ स्केच मैप बनाते समय बरतें सावधानी
बैठक के दौरान सीईओ ने यह भी कहा कि रफ स्केच मैप यानी नजरी नक्शा तैयार करते समय सावधानी बरतते हुए मतदाताओं की मकान संख्या को यथासंभव पुराना ही रखा जाए। केवल बिना संख्या वाले मकानों के लिए ही नोशनल नंबर दिया जाए। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार भी मौजूद रहे।
क्या होता है नजरी नक्शा
उल्लेखनीय है कि नजरी नक्शा आंखों देखी स्थिति के आधार पर हाथ से बनाया गया एक अंदाजन नक्शा है। इसमें पैमाना या सही मापन का उपयोग नहीं होता है। यह जमीन, घर या किसी क्षेत्र की चौहद्दी और मुख्य संरचनाओं (सड़क, तालाब, मंदिर) को दर्शाता है। इसका मुख्य उपयोग सर्वेक्षण, जनगणना, चुनाव में सीमांकन और जमीन की चौहद्दी (दिशाओं) को समझने के लिए किया जाता है।

