Jamshedpur : जमशेदपुर के तुलसी भवन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कांग्रेस, झामुमो और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकसभा व विधानसभा सीट के क्षेत्र का परिसीमन कर महिलाओं को आरक्षण का लाभ देना चाहती थी।
लेकिन कांग्रेस आदि पार्टियों ने यह बिल पास नहीं होने दिया। सांसद ने कहा कि भाजपा 11 साल के शासन में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहती है। लेकिन सवाल उनसे होना चाहिए जिन्होंने 60 साल शासन किया और एक प्रतिशत भी आरक्षण महिलाओं को नहीं दिया।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा सीटों का सीमांकन काफी पहले हुआ था। जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र को देख लीजिए एक तरफ बंगाल की सीमा दूसरी तरफ ओडिशा की सीमा, कितना बड़ा इलाका है। 32 लाख के करीब वोटर हैं। अगर सांसद चाहे तो 5 साल में सभी वोटरों से नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि यही हाल सिंहभूम लोकसभा सीट का है। सांसद ने कहा कि अगर परिसीमन हो जाएगा तो झारखंड में लोकसभा की सीटों की संख्या 14 से बढ़कर 21 हो जाएगी। इसमें से सात सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। जिन पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी।
जिन पार्टियों ने यह बिल पास नहीं होने दिया उन्होंने महिलाओं का हक मारा है। सांसद ने कहा कि परिसीमन होने के बाद झारखंड में विधानसभा की सीटएं बढ़ जाएंगी। अभी यहां 81 सीट हैं। यह बढ़कर 120 या 125 के करीब हो जाएंगी। आखिर झामुमो सीटों की संख्या क्यों नहीं बढ़ने देना चाहती। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण देने की प्रक्रिया जनगणना और परिसीमन के बाद लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिसूचना वर्ष 2023 में ही जारी की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी करीब 13 से 14 प्रतिशत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बढ़ाकर 33 प्रतिशत करना चाहते हैं।
आगे चलकर महिलाओं को बराबरी का दर्जा देते हुए इसे 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “विपक्ष का काम ही है लटकाना और भटकाना है”, लेकिन जनगणना के बाद इस व्यवस्था को हर हाल में लागू किया जाएगा।
पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि एकीकृत बिहार में महिलाओं को पंचायती राज में आरक्षण नहीं था। भाजपा ने पहली बार शासन में आने के बाद महिलाओं को पंचायती राज में 50% आरक्षण दिया है। महिलाओं को कई मूलभूत सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं। केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान इसका उदाहरण हैं।उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो पार्टी 2023 में साथ थी, वही 2026 में इसका विरोध क्यों कर रही है।
भानु प्रताप शाही ने जानकारी दी कि 25 अप्रैल को रांची में भाजपा की ओर से एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा, जो 30 अप्रैल तक राज्य के सभी जिलों और मंडलों तक पहुंचेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भानु प्रताप शाही, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिंहा, वरिष्ठ नेत्री मीरा मुंडा और जिला प्रवक्ता प्रेम झा समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे

