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Palamu News: 18 लाख के इनामी माओवादी कमांडर नितेश यादव और संजय गोदराम को पुलिस ने दी सरेंडर की चेतावनी, वरना चलेगा बड़ा ऑपरेशन

यह दस्ता पलामू के अलावा बिहार के गया और औरंगाबाद जिलों में सक्रिय है। सीमावर्ती क्षेत्रों में फिलहाल यही एक प्रमुख माओवादी दस्ता बचा हुआ माना जा रहा है।

by Mujtaba Haider Rizvi
Maoist Commander Nitesh Yadav Surrender Warning Palamu
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Palamu: पलामू और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माओवादी कमांडर नितेश यादव और संजय गोदराम के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। दोनों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए सरेंडर करने को कहा गया है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

नितेश यादव पर झारखंड सरकार ने 15 लाख और बिहार सरकार ने 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है, जबकि संजय गोदराम पर 10 लाख रुपये का इनाम है। नितेश यादव दोनों राज्यों की पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड है और एनआईए के एक मामले में भी फरार चल रहा है। उसके दस्ते में संजय गोदराम और ठेगन मियां जैसे सक्रिय सदस्य शामिल हैं।

यह दस्ता पलामू के अलावा बिहार के गया और औरंगाबाद जिलों में सक्रिय है। सीमावर्ती क्षेत्रों में फिलहाल यही एक प्रमुख माओवादी दस्ता बचा हुआ माना जा रहा है।

पलामू के डीआईजी किशोर कौशल ने कहा है कि माओवादियों से लगातार सरेंडर की अपील की जा रही है। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो पुलिस कार्रवाई तेज करेगी। उन्होंने बताया कि हाल के समय में नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता भी मिली है।

गौरतलब है कि 27 मई 2025 को पलामू के हुसैनाबाद इलाके में पुलिस और नितेश यादव के दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में एरिया कमांडर तुलसी भुइयां मारा गया था, जबकि नितेश यादव और संजय गोदराम मौके से फरार हो गए थे। उस दौरान नितेश के घायल होने की भी सूचना सामने आई थी।

नितेश यादव को माओवादियों के मध्य जोन का सबसे बड़ा कमांडर माना जाता है। इस जोन में पलामू और चतरा के साथ बिहार के गया और औरंगाबाद इलाके शामिल हैं। नितेश मूल रूप से गया जिले का रहने वाला है, जबकि संजय गोदराम पलामू के छतरपुर क्षेत्र का निवासी है।

एक समय इस क्षेत्र में माओवादी करोड़ों रुपये की लेवी वसूलते थे, लेकिन अब उनकी स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है। वर्तमान में नितेश यादव के नेतृत्व में ही एकमात्र सक्रिय दस्ता बचा हुआ है।

नितेश यादव और संजय गोदराम पर 70 से अधिक नक्सली हमलों में शामिल होने का आरोप है। कई घटनाओं में सुरक्षा बलों के दो दर्जन से ज्यादा जवान शहीद हुए हैं। वर्ष 2016 में पलामू के काला पहाड़ इलाके में हुए लैंड माइंस विस्फोट में सात जवानों की शहादत और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में कोबरा के 10 जवानों की मौत की घटनाओं में भी इनकी संलिप्तता बताई जाती है।

पुलिस अब इन दोनों कमांडरों को पकड़ने या सरेंडर कराने के लिए निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है।

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