Jamshedpur : मानगो नगर निगम के बालीगुमा सुखना बस्ती में एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट में विधायक निधि से बिल्डर की जमीन पर डीप बोरिंग कराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बताते हैं कि मंगलवार को जैसे ही द फोटोन न्यूज़ ने इस अनियमितता का खुलासा किया, थोड़ी ही देर बाद निर्माणाधीन अपार्टमेंट पहुंचे कुछ लोगों ने मौके से डीप बोरिंग के शिलान्यास व उद्घाटन वाले शिलापट को तोड़कर गायब कर दिया।
सोमवार सुबह तक यह शिलापट मौजूद था। लेकिन जैसे ही इस गड़बड़ी की खबर चली वैसे ही शिलापट को गायब कर दिया गया है। शिलापट को गायब करने में मानगो नगर निगम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
निष्पक्ष जांच हुई तो फंस सकते हैं मानगो नगर निगम के इंजीनियर
बताते हैं कि मामले में मानगो नगर निगम के इंजीनियर फंसते नजर आ रहे हैं। क्योंकि कौन सी योजना कहां धरातल पर उतारनी है। इसमें इंजीनियरों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। मानगो नगर निगम में योजना का आवेदन आने के बाद इंजीनियर उसकी जांच करते हैं कि यह योजना नियम संगत है या नहीं। नियमानुसार विधायक निधि की इस तरह की योजनाएं आम जनता के लिए होनी चाहिए। जबकि, नियमों का उल्लंघन करते हुए बालिगुमा सुखना बस्ती में एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट में बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए डीप बोरिंग कर दी गई।
वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने उजागर किया सारा मामला
इस अनियमितता को बालीगुमा के वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने उजागर किया। उन्होंने एक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाला। यह वीडियो वायरल हो गया है। इस पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि जिला प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करे और जांच कराए। वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने मानगो की मेयर सुधा गुप्ता से भी जांच की मांग की है। जनप्रतिनिधि विकास सिंह का कहना है कि यह बड़ा घोटाला है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मानगो नगर निगम क्षेत्र में इस तरह की कई और मामले हो सकते हैं। सभी मामलों की जांच कराई जानी चाहिए। जो योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। वह किसी खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए हैं या फिर आम जनता के भले के लिए हैं। विकास सिंह का कहना है कि सरकार विधायक निधि आम जनता के भले के लिए देती है। जबकि, लोग इसमें गड़बड़ी करते हैं। विकास सिंह ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने वार्ड पार्षद राजेश सिंह को फोन कर बताया कि घटनास्थल से शिलापट गायब कर दिया गया है। इसके बाद राजेश सिंह वहां पहुंचे, तो देखा कि शिलापट नदारत है। इस घटना में मानगो नगर निगम का पक्ष लेने के लिए उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार को फोन किया गया। लेकिन उनका फोन बंद था।

