चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले से न्यायपालिका का एक सख्त फैसला सामने आया है। चाईबासा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे समाज के लिए कड़ा संदेश बताया है।
गोप बस्ती टोला गोसाईं का मामला
यह मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोप बस्ती टोला गोसाईं से जुड़ा है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने आरोपी सुमन गोप को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(1) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 15 साल की कठोर कारावास के साथ 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर सजा और बढ़ाई जाएगी।
19 नवंबर 2022 को हुई थी घटना
जानकारी के अनुसार 19 नवंबर 2022 को आरोपी ने नाबालिग लड़की को डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया था। आरोपी ने पीड़िता को घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। बाद में पीड़िता के परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सामने आया।
गिरफ्तारी के बाद से था जेल में
शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमन गोप को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। तब से वह लगातार जेल में बंद था। गुरुवार को कोर्ट में पेशी के दौरान सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई पूरी होने के बाद सजा सुनाई गई।
न्याय प्रणाली पर भरोसा मजबूत
इस फैसले से स्पष्ट है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर न्यायालय कड़ा रुख अपनाता है। यह निर्णय अपराधियों के लिए चेतावनी है और पीड़ितों व उनके परिवारों का न्याय प्रणाली पर भरोसा मजबूत करता है।
Read Also- Chaibasa Crime News : चाईबासा में अवैध महुआ शराब के खिलाफ चली बड़ी कार्रवाई, 110 भट्टियां ध्वस्त

