RANCHI: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के साथ चाईबासा परिसदन में कथित उपेक्षापूर्ण व्यवहार को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए हेमंत सोरेन सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस घटना को लोकतांत्रिक परंपराओं और जनजातीय समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का पद स्थायी नहीं होता, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादा और सम्मान हमेशा कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्जुन मुंडा जैसे वरिष्ठ नेता, जो राज्य के मुख्यमंत्री और देश के केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं उनके प्रति प्रशासनिक शिष्टाचार और गरिमा का पालन किया जाना अपेक्षित था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अर्जुन मुंडा के साथ हुआ व्यवहार केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं, प्रशासनिक मर्यादाओं और जनजातीय समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के साथ भी चाईबासा में जिला प्रशासन द्वारा असम्मानजनक व्यवहार किए जाने की बात सामने आ चुकी है।
आदित्य साहू ने सवाल उठाया कि क्या जनजातीय समाज के वरिष्ठ नेताओं की गरिमा की अनदेखी अब एक परंपरा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक संवेदनशीलता और सामाजिक सौजन्यता कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। भाजपा ने इस मामले को लोकतांत्रिक मूल्यों और जनजातीय अस्मिता से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

