Giridih: गिरिडीह से सिस्टम को आईना दिखाने वाली एक खबर सामने आई है। जिले के पीरटांड़ प्रखंड के मधुबन में क्षेत्र के दालुवाडीह गांव में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को चारपाई पर लाकर 4 किलोमीटर दूर एंबुलेंस तक पहुंचाया (Giridih Health News) गया। इस दौर में जब झारखंड में बड़ी बड़ी परिजयोजनाओं पर काम हो रहा है। शहरों में बड़े-बड़े ओवरब्रिज और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वहीं गांव एक अदद सड़क को तरस रहे हैं। यह तस्वीर झारखंड की राजनीति को बदनुमा बनाती हैं। यहां सभी राजनीतिक दलों की सरकार रही। मगर, सभी ने गांवों की अनदेखी है।
बताते हैं कि मुख्य सड़क से गांव तक अभी भी सड़क नहीं बनी हुई है। इसके चलते, मुख्य सड़क तक महिला को चारपाई पर लेकर जाना पड़ा। एंबुलेंस चालक ने गांव तक आने को मना कर दिया था। एंबुलेंस चालक का कहना था कि गांव तक सड़क नहीं है। इस वजह से एंबुलेंस वहां तक नहीं जा पाएगी। इसके बाद, एंबुलेंस को इस सड़क पर खड़ा किया गया था और गांव से महिला को चारपाई पर लेकर ग्रामीण वहां तक पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार चुनाव में वह लोग सड़क का मुद्दा उठाते हैं। ऐलान भी करते हैं कि रोड नहीं तो वोट नहीं देंगे। लेकिन, इसके बावजूद सरकार उनकी तरफ कोई ध्यान (Giridih Health News) नहीं दे रही है।
कई बार सांसद व विधायक तक पहुंचाई अर्जी
अभी तक पिपराटांड़ से उनके गांव दालुवाडीह तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। सड़क का निर्माण नहीं होने से कई गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों कहना है कि कुरवारांड, दालुवाडीह, डाहिया, ईटाबेड़ा, गाड़ापरोम, सहेरबेड़ा, जिरबेडा, सतकटिया और बोरवबेड़ा समेत कई गांव सड़क नहीं होने की वजह से परेशानी में हैं। इलाके के बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। कोई बीमार हो जाता है तो उसे बड़े अस्पताल तक ले जाना दुश्वार है। कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
गांव तक सड़क बनाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है कि मरीज को खाट पर ढो कर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया है।
कई बार ऐसा हो चुका है कि ग्रामीणों को इससे काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने आह्वान किया कि सरकार जल्द से जल्द पीरटांड़ से गांव तक सड़क बनाए।

