रांची : केंद्र सरकार ने झारखंड सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वीबी-जी राम जी अधिनियम के लागू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 तक मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहेगी तथा श्रमिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से मनरेगा के सुचारु संचालन एवं वीबी-जी राम जी अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर की गई समीक्षा बैठक में बताया गया कि नया अधिनियम 11 मई 2026 को अधिसूचित किया जा चुका है और इसे 1 जुलाई 2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही मनरेगा अधिनियम समाप्त हो जाएगा। ऐसे में जून को संक्रमणकाल मानते हुए राज्यों को सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र ने कहा है कि झारखंड सहित सभी राज्यों को रोजगार मांगने वाले परिवारों को समय पर काम उपलब्ध कराना होगा। नए परिवारों को शीघ्र जॉब कार्ड जारी करने, पर्याप्त संख्या में स्वीकृत योजनाएं तैयार रखने तथा रोजगार की मांग के अनुरूप कार्य आवंटित करने को कहा गया है। इसके साथ ही मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने, कार्यों का मापन करने और फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) समय पर जारी करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि मजदूरी भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर हो सके।
मंत्रालय ने राज्यों को चल रही योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का भी निर्देश दिया है। केंद्र का कहना है कि मनरेगा से वीबी-जी राम जी व्यवस्था में बदलाव के दौरान रोजगार सृजन और भुगतान व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों का संचालन वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों के तहत किया जाएगा। इसलिए सभी राज्यों को समय रहते तैयारी पूरी कर लेने को कहा गया है, ताकि बदलाव की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित रहे।

