
चक्रधरपुर : पक्षिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में मरीजों को जल्द ही सभी प्रकार की जांच की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलने लगेगी। अस्पताल परिसर में जल्द ही एक ‘सेंट्रलाइज्ड लैब’ की स्थापना की जाएगी।
उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश पर मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. जुझारु माझी ने अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इस मौके पर ग्रामीण विकास विभाग (विशेष प्रमंडल), चाईबासा के अधिकारी भी उनके साथ मौजूद थे।
खाली होगा दो साल से बंद पड़ा बीपीएचयू भवन
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अस्पताल परिसर में दो वर्ष पूर्व बने ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) भवन का जायजा लिया। वर्तमान में इस भवन का उपयोग अस्पताल की दवाइयों और अन्य सामग्रियों के भंडारण (स्टोर) के रूप में किया जा रहा है। सिविल सर्जन ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अंशुमान शर्मा को निर्देश दिया कि वे इस भवन को जल्द से जल्द खाली करवाएं ताकि लैब निर्माण का काम शुरू हो सके।
अधिकारियों को दिए बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश
भवन के मुआयने के बाद सिविल सर्जन डॉ. माझी ने ग्रामीण विकास विभाग (विशेष प्रमंडल) के कार्यपालक अभियंता राजू मरांडी, सहायक अभियंता अमर रविदास और कनीय अभियंता बसंत कुजूर को भवन को सेंट्रलाइज्ड लैब के मानकों के अनुरूप तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लैब को बेहतर ढंग से चलाने के लिए भवन में पानी की चौबीसों घंटे समुचित व्यवस्था, जरूरी स्लैब और अन्य बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) तैयार करना बेहद जरूरी है। विभागीय अधिकारियों ने भी सिविल सर्जन को भरोसा दिलाया कि वे इस काम को जल्द से जल्द पूरा कर लेंगे।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी जांच सेवाएं : डॉ. जुझारु माझी
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिविल सर्जन डॉ. जुझारु माझी ने कहा कि “ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भवन को बनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रखंड क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रयोगशाला जांच सेवाएं (लैब टेस्ट) मरीजों को एक ही स्थान पर मिल सकें। इसके साथ ही, स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) से जुड़े सारे काम भी इसी भवन से संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किन्हीं कारणों से यह योजना अब तक लटकी हुई थी और शुरू नहीं हो पाई थी। लेकिन अब उपायुक्त के कड़े निर्देश के बाद तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुनियादी सुविधाएं पूरी होते ही इस सेंट्रलाइज्ड लैब का संचालन विधिवत रूप से शुरू कर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को काफी राहत मिलेगी।

