
रांची : झारखंड के लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अच्छी खबर है। राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा को एक नया और बड़ा मुकाम मिलने जा रहा है। रांची के इटकी में करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (AIIA) बनाया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का काम तेजी से शुरू हो गया है। यह संस्थान पूरी तरह हाईटेक और आधुनिक मशीनों से लैस होगा।
यह संस्थान इटकी स्थित टीबी सेनेटोरियम परिसर की खाली जमीन पर तैयार होगा। परिसर की कुल 80 एकड़ जमीन में से 40 एकड़ भूमि को इस खास आयुर्वेद अस्पताल और रिसर्च सेंटर के लिए चुना गया है।
जमीन की मापी शुरू करने के निर्देश
इस ड्रीम प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक, शशि प्रकाश झा ने खुद इटकी जाकर प्रस्तावित जगह का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पहले चरण में तय की गई 40 एकड़ जमीन की मापी का काम तुरंत पूरा किया जाए, ताकि आगे के काम में कोई देरी न हो। उन्होंने स्थानीय अंचल अधिकारी को जमीन से जुड़े सभी कागजी काम और औपचारिकताएं जल्द से जल्द निपटाने को कहा है।
केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे खर्च
केंद्र सरकार ने देश के जिन तीन राज्यों में इस स्तर का आयुर्वेद संस्थान खोलने का फैसला किया है, उनमें झारखंड भी शामिल है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार के साथ-साथ झारखंड सरकार की भी बड़ी हिस्सेदारी होगी। इस खर्च में से करीब 300 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट
फिलहाल झारखंड में आयुर्वेद से जुड़े अस्पतालों और कॉलेजों की हालत बहुत अच्छी नहीं है। कई जगह संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं की भारी कमी है। ऐसे में यह नया संस्थान झारखंड के लिए एक वरदान साबित होगा।
राज्य के लोगों को अब आयुर्वेद के जरिए कई बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यहां सिर्फ इलाज ही नहीं होगा, बल्कि आयुर्वेद की पढ़ाई, नई रिसर्च और ट्रेनिंग की भी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं होंगी।
निरीक्षण के दौरान अभियान निदेशक के साथ इटकी के बीडीओ, सीओ, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे। जमीन का काम फाइनल होते ही अस्पताल के निर्माण की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

