
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 193वीं बटालियन के दो जवानों को तेज बुखार और मलेरिया जैसे लक्षणों के बाद भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान एक जवान में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे जवान की रिपोर्ट नकारात्मक आई है। हालांकि चिकित्सकों ने उसके लक्षणों को देखते हुए उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा है। इस बीच, एक दिन पहले ब्रेन मलेरिया से एक जवान की मौत के बाद सुरक्षा बल और स्वास्थ्य विभाग दोनों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
एमजीएम अस्पताल में भर्ती हुए दो सीआरपीएफ जवान
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, भर्ती जवानों में एक की पहचान प्रदीप कुमार के रूप में हुई है, जबकि दूसरे जवान का नाम तत्काल सार्वजनिक नहीं किया गया है। दोनों को तेज बुखार, कमजोरी और मलेरिया से मिलते-जुलते लक्षणों की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था।
प्रयोगशाला जांच में प्रदीप कुमार मलेरिया संक्रमित पाए गए, जबकि दूसरे जवान की जांच रिपोर्ट नकारात्मक रही। इसके बावजूद चिकित्सकों का कहना है कि लक्षणों को देखते हुए उन्हें निगरानी में रखकर उपचार जारी रखा गया है।
रांची रेफर करने की तैयारी
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दोनों जवानों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रांची रेफर करने की तैयारी की गई थी। चिकित्सकीय टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तरीय उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जा सके।
ब्रेन मलेरिया से जवान की मौत के बाद बढ़ी सतर्कता
उल्लेखनीय है कि बुधवार को इसी एमजीएम अस्पताल में उपचार के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद बल के अधिकारियों ने संक्रमित जवानों के उपचार, समय पर जांच और निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि कमांड स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि संक्रमण की स्थिति में जवानों को तत्काल उपचार मिल सके और गंभीर मामलों को समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा जा सके।
कोल्हान क्षेत्र में बढ़ रहे मलेरिया के मामलों ने बढ़ाई चिंता
कोल्हान क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे मलेरिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब आम लोगों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ समय पर जांच, पूर्ण उपचार, मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन क्षेत्र में मलेरिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संक्रमित मरीजों की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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