
चाईबासा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के लापता फूलदेव यादव को उनके परिजनों से मिलाया गया।
कैसे भटका था फूलदेव
जानकारी के अनुसार फूलदेव यादव डेढ़ साल से घर से भटक रहे थे। कुछ दिन पहले उन्हें नोवामुंडी क्षेत्र में पाया गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए टाटा स्टील अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य ठीक होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर झींकपानी स्थित संचार वृद्धाश्रम में रखा गया था।कुछ दिन पहले अधिकार मित्रों ने उन्हें वृद्धाश्रम में दाखिल कराया था, लेकिन वहां से भी वे बिना बताए निकल गए और फिर नोवामुंडी पहुंच गए। उन्हें दोबारा खोजने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। तीन दिन की खोज के बाद वे मिल पाए।
सोशल मीडिया से मिला घर का पता
इस दौरान अधिकार मित्रों ने सोशल मीडिया के जरिए उनके घर का पता लगाया और डालसा चाईबासा से संपर्क किया। डालसा के माध्यम से सूचना उनके घर तक पहुंचाई गई। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के निवासी उनके छोटे भाई सिद्धनाथ यादव चाईबासा पहुंचे।आज फूलदेव को उनके भाई को सौंप दिया गया। दोनों भाइयों का मिलन बेहद भावुक था। जैसे ही फूलदेव ने भाई को देखा, दोनों गले लगकर फूट-फूट कर रो पड़े।
इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरे कार्य में पीएलवी प्रमिला पात्रों, रेणु देवी और सोमा बोस के साथ-साथ झींकपानी और किरीबुरू थाना के प्रभारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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