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World Tribal Day : झारखंड आदिवासी महोत्सव में दिखी आदिवासी परंपरा व संस्कृति की झलक

कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला और विरासत को सहेजने के साथ सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण का दिया संदेश

by Hari Shankar Gope
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चाईबासा : झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के सहयोग से कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला और विरासत को सहेजने के साथ सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।

कौन रहे मौजूद

मुख्य अतिथि राजस्व एवं भूमि सुधार, परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मझगांव विधायक निरल पूर्ति, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन और चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश शामिल हुए। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, डीएफओ अभिरुप सिन्हा, पीडी जयदीप तिग्गा, एडीसी किस्टो बेसरा, एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, एसडीओ संजय कुमार, प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल सहित जिले के कई अधिकारी मौजूद थे।

कैसे हुआ आगाज

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाज से मेहमानों के स्वागत के साथ हुई। दीप प्रज्वलन के बाद महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया गया। विभिन्न कला दलों ने सांस्कृतिक नृत्य, छऊ नृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आदिवासी जीवनशैली, प्रकृति से जुड़ाव और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।

झारखंड की पहचान आदिवासी संस्कृति, भाषा और प्रकृति आधारित जीवन से है : मंत्री

मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि झारखंड की पहचान आदिवासी संस्कृति, भाषा और प्रकृति आधारित जीवन से है। यह महोत्सव सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पहचान, अधिकार और गौरव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जरिया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास और अधिकारों की जानकारी पर जोर दिया। साथ ही जल-जंगल-जमीन से जुड़ी आस्था और अधिकारों के संरक्षण की बात कही। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और हुनर के साथ विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।

विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी से ही समाज मजबूत होगा। विधायक जगत माझी ने कहा कि आदिवासी परंपरा में प्रकृति संरक्षण की भावना है। आधुनिकता के साथ अपनी पहचान और पारंपरिक ज्ञान को बचाना जरूरी है।

सम्मान और योजनाओं का लाभ

कार्यक्रम में 5 कलाकारों को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। 5 मुण्डाओं को नियुक्ति पत्र और 6 लाभुकों को वनपट्टा दिया गया। इसे आदिवासी समाज के सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया गया।महोत्सव के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अतिथियों ने पौधारोपण, सेल्फी स्टैंड का उद्घाटन और हस्ताक्षर पट्टिका पर हस्ताक्षर कर संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।आयोजन ने स्पष्ट किया कि संस्कृति को बचाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के जरिए आदिवासी समाज को विकास की नई दिशा दी जाएगी।

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