
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद बुधवार को राजधानी रांची के हटिया चौक पर बड़ी संख्या में प्रभावित अभ्यर्थियों ने मोबाईल टार्च से रोशनी कर प्रदर्शन किया। करीब दो हजार की संख्या में जुटे अभ्यर्थी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए अपने भविष्य को लेकर आक्रोश जताया। सरकार से तुगलकी की फरमान वापस लेने को कहा गया।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार के निर्णय से उनकी नौकरी और वर्षों की मेहनत प्रभावित हुई है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि चयन प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, फिर भी परीक्षा रद्द किए जाने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने लिए न्याय की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने ‘न्याय नहीं तो फांसी दो’ जैसे नारे बुलंद किए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द कर चयनित अभ्यर्थियों को संकट में नहीं डालना चाहिए।
हटिया चौक पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने से इलाके में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। अभ्यर्थियों ने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और प्रभावित उम्मीदवारों के हित में ठोस समाधान निकालने की मांग की है।
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