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Dhanbad News : 500 करोड़ की अचल संपत्ति और 160 करोड़ के म्यूचुअल फंड का मामला, धनबाद कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी से ED की पूछताछ

Dhanbad News : आरती सिंह को ईडी ने इससे पहले भी दो बार समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह निर्धारित समय पर एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हो सकी थीं।

by Mujtaba Haider Rizvi
ED questioning LB Singh wife in Dhanbad property and mutual fund case
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Dhanbad : कोयले के अवैध खनन, परिवहन, भंडारण और तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह से रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में करीब दिनभर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने उनके पति के कारोबार, संपत्ति और निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली।

ईडी ने 29 जुलाई 2026 को एलबी सिंह और उनके सहयोगियों से जुड़े करीब 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान ईडी को 1.02 करोड़ रुपये नकद, करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश और 200 से अधिक अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, डेटा, डिजिटल उपकरण और सेल डीड समेत कई अहम कागजात मिले थे।

ईडी की जांच के अनुसार, बरामद दस्तावेजों में दर्ज अधिकांश निवेश आरती सिंह के नाम पर पाए गए। जांच एजेंसी ने उनसे इन निवेशों और संपत्तियों के लिए धन के स्रोत के बारे में सवाल किया। साथ ही छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, नकदी और विभिन्न निवेशों से संबंधित कागजात के बारे में भी उनसे जानकारी ली गई।

बताया गया कि 200 से अधिक अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 500 करोड़ रुपये है। पूछताछ के दौरान आरती सिंह ने ईडी को बताया कि उनके पति कोयला कारोबार से जुड़े हैं और उनका कोई अवैध कारोबार नहीं है। उनके अनुसार, परिवार ने जो चल-अचल संपत्ति अर्जित की है, वह कोयला कारोबार से हुई आय और लाभ से बनाई गई है।

ईडी इस मामले में आगे भी जांच जारी रखेगी। जरूरत पड़ने पर आरती सिंह और मामले से जुड़े अन्य लोगों को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

तीसरे समन पर ईडी के सामने हुईं पेश

आरती सिंह को ईडी ने इससे पहले भी दो बार समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह निर्धारित समय पर एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हो सकी थीं। सोमवार को तीसरे समन के बाद वह रांची स्थित ईडी कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों के सवालों का सामना किया।

झारखंड पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज हुई थी ECIR

इस मामले में ईडी ने झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज विभिन्न प्राथमिकी के आधार पर इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी। प्राथमिकी में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, चोरी या अवैध रूप से निकाले गए कोयले की तस्करी, कोयला उठाने के नाम पर जबरन वसूली, लेवी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे।

पुलिस ने इनमें से कई मामलों में आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी। ईडी की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपितों ने अपराध से बड़ी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया। एजेंसी के अनुसार, इस रकम को अलग-अलग लोगों और संस्थाओं के जरिए इधर-उधर घुमाया गया और अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। जांच में बड़ी संख्या में चल और अचल संपत्तियां बनाए जाने की बात भी सामने आई।

2025 में भी हुई थी ईडी की कार्रवाई

ईडी ने वर्ष 2025 में भी अनिल गोयल, एलबी सिंह और उनसे जुड़े लोगों व संस्थाओं के ठिकानों पर धनबाद और दुमका में छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में जांच एजेंसी को 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज और करीब 2.20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे।

ईडी की मौजूदा कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी संपत्तियों, निवेश और कथित आय के स्रोत के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

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