
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जराइकेला थाना क्षेत्र के सागजुड़ी गांव में ग्राम मुंडा जगमोहन गुड़िया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी रबड़ स्टैम्प का प्रयोग कर दस्तावेज तैयार करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर स्थानीय आदिवासियों में गहरा रोष है। मामले में दीघा गांव निवासी आंगनबाड़ी सेविका सह बीएलओ बहामनी भुईयां और उनके पति सेनियम होरो (धर्म प्रचारक) पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने जराइकेला थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
वंशावली कार्य के दौरान खुली पोल
फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई, जब गांव का एक व्यक्ति एसआईआर से जुड़े कार्य के सिलसिले में ग्राम मुंडा जगमोहन गुड़िया के पास पहुंचा। उसके वंशावली प्रपत्र पर ग्राम मुंडा के हस्ताक्षर और मुहर पहले से लगे हुए थे। संदेह होने पर जब ग्राम मुंडा ने पूछताछ की, तो पता चला कि आंगनबाड़ी सेविका बहामनी भुईयां और उनके पति बिना किसी अनुमति के उनके नाम के फर्जी स्टांप और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर रहे थे।
ग्राम सभा में आरोपी दंपती ने कबूला अपराध
गुरुवार को सागजुड़ी गांव में आयोजित ग्राम सभा के दौरान आरोपी दंपती ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उन्होंने बताया कि फर्जी स्टांप बीएलओ बहामनी ने बनवाया था, जबकि फर्जी हस्ताक्षर उनके पति करते थे। उन्होंने माना कि करीब एक दर्जन एसआईआर फॉर्म में इसका इस्तेमाल किया गया है, हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि 20 से अधिक फॉर्म पर फर्जी दस्तखत किए गए हैं। आरोपी दंपती का तर्क था कि ग्राम मुंडा ईसाई समुदाय के लोगों का एसआईआर कार्य नहीं कर रहे थे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। वहीं, ग्राम मुंडा ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है।
थाना पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए मनोहरपुर के बीडीओ शक्ति कुंज और सीओ प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ जराइकेला थाना पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान सरना समाज के प्रतिनिधियों ने भी थाना पहुंचकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
प्रथम दृष्टया बीएलओ सह सेविका की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-शक्ति कुंज, बीडीओ।
ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लिया गया है। जांच के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
– प्रदीप कुमार, सीओ।
ग्राम सभा का कड़ा फैसला
घटना के विरोध में हुई ग्राम सभा में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बाहरी धर्म प्रचारकों पर रोक
गांव की सीमा में बाहरी धर्म प्रचारकों, विशेषकर ईसाई मिशनरियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बिना अनुमति गांव में प्रवेश कर सांस्कृतिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वालों पर ‘पेसा (PESA) कानून’ के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी। गांव की चारों दिशाओं की सीमाओं पर सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। दूसरे गांव की निवासी होने के बावजूद बहामनी भुईयां का सागजुड़ी आंगनबाड़ी केंद्र में चयन किस आधार पर हुआ, इसकी भी जांच की मांग उठाई गई है।

