
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सभागार में शुक्रवार को दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन का महाअधिवेशन आयोजित की गई। कार्यक्रम में AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान महासचिव गौतम मुखर्जी, डीआरएम तरुण हुरिया, सीनियर डीपीओ डॉ. ऋषभ सिंह सहित विभिन्न मंडलों के यूनियन नेता और बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के साथ अधिवेशन का शुभारंभ हुआ। स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। यूनियन कार्यकर्ताओं ने कविता और जोशीले भाषण से माहौल में जोश भर दिया।
ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग पर वार
शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि रेलवे में बढ़ती ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि रेलवे के संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों पर खतरा है। रेलवे का काम रेलकर्मियों और रेलवे संस्थानों से ही होना चाहिए।
कर्मचारियों की कमी पर चिंता
मिश्रा ने कहा कि चक्रधरपुर मंडल में 29 हजार पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 24 हजार कर्मचारी ही कार्यरत हैं। नई ट्रेनें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन स्टाफ घटने से कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने खाली पदों पर जल्द भर्ती की मांग की। उन्होंने ट्रैकमैनों की सुरक्षा, रेलवे क्वार्टरों में पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। कहा कि विषम परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मौत उसके परिवार को जीवन भर का दर्द देती है, इसलिए सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
8वां वेतन आयोग पर दिया भरोसा
उन्होंने कहा कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा और इसका लाभ सभी रेलकर्मियों को मिलेगा। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने और युवा शक्ति को रेलवे की सबसे बड़ी ताकत बताया।
चक्रधरपुर मंडल चुनौतीपूर्ण मंडल: डीआरएम
डीआरएम तरुण हुरिया ने कहा कि चक्रधरपुर मंडल चुनौतीपूर्ण मंडल है, यहां कर्मचारी पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए राउरकेला, टाटानगर सहित अन्य अस्पतालों से बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की गई है। क्वार्टर आवंटन, प्रमोशन और सेटलमेंट ड्यूज में पारदर्शिता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी अपना विचार रखा।
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