
Jamshedpur : कर्नाटक के बीदर में हुए चर्चित एटीएम कैश वैन लूटकांड की जांच अब जमशेदपुर तक पहुंच गई है। मंगलवार को कर्नाटक पुलिस ने सोनारी के परदेशी पाड़ा इलाके में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े आरोपियों के किराए के मकान और आसपास के ठिकानों की जांच की। बताया जा रहा है कि मामले में बिहार के वैशाली जिले से पहले ही आलोक सिंह उर्फ अंबानी और अमन सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों कुछ समय तक सोनारी के परदेशी पाड़ा इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। बीदर पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस कैश बरामद करने की कोशिश में जुटी हुई है। इसी के चलते सोनारी में छापेमारी की गई है। बीदर पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर सोनारी आई है। माना जा रहा है कि पुलिस कुछ अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
सोनारी पहुंची कर्नाटक पुलिस की टीम

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को कर्नाटक पुलिस कई वाहनों से जमशेदपुर पहुंची और सोनारी के परदेशी पाड़ा में कार्रवाई शुरू की। पुलिस का मकसद बीदर एटीएम कैश वैन लूट मामले से जुड़े साक्ष्यों की तलाश और आरोपियों के ठिकानों की जांच करना बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो आरोपियों की निशानदेही पर दो पिस्तौल बरामद किए जाने की जानकारी है। वहीं, आलोक के पास मौजूद एक बाइक की पेट्रोल टंकी से दो जिंदा गोलियां मिलने की भी बात सामने आई है। हालांकि, बरामदगी और कार्रवाई की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पत्नी और बेटी के साथ किराए के मकान में रहता था आलोक
स्थानीय लोगों के अनुसार, आलोक अपनी पत्नी और दो साल की बेटी के साथ अप्रैल में सोनारी के परदेशी पाड़ा में किराए के मकान में रहने आया था। बताया जाता है कि वह मानगो स्थित एक सोफा दुकान में काम करता था। अमन सिंह भी इलाके के पास ही एक अन्य मकान में किराए पर रहता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों कुछ दिनों पहले ही इलाके से बाहर चले गए थे। आलोक की पत्नी भी करीब तीन दिन पहले यह कहकर घर से निकली थी कि उसका एक्सीडेंट हो गया है।
पिछले साल जनवरी में हुई थी करोड़ों की लूट
कर्नाटक पुलिस की जांच के अनुसार, 16 जनवरी 2025 को बीदर के शिवाजी चौक के पास एसबीआई एटीएम में कैश डालने पहुंची सीएमएस कैश लॉजिस्टिक्स की टीम को हथियारबंद बदमाशों ने निशाना बनाया था। बताया गया कि बदमाशों ने कैश डिलीवरी स्टाफ पर मिर्च पाउडर फेंकने के बाद गोलीबारी की और कैश से भरा ट्रंक लेकर बाइक से फरार हो गए। इस वारदात में करीब 83 से 93 लाख रुपये की लूट की बात सामने आई थी। हमले में दो सुरक्षा गार्डों को गोली लगी थी। गिरी वेंकटेश की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे गार्ड शिव काशीनाथ गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
जांच के दौरान कर्नाटक पुलिस ने बिहार के वैशाली से आलोक कुमार और अमन कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस अब दोनों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुल चार आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आई है, जबकि कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। जांच में यह भी सामने आया है कि बीदर की वारदात वाले दिन आरोपियों ने हैदराबाद में एक ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर पर भी गोली चलाई थी। इस घटना को भी एटीएम लूटकांड से जोड़कर जांच की गई है।
सोनारी में कार्रवाई से मचा हड़कंप
कर्नाटक पुलिस की अचानक कार्रवाई से सोनारी के परदेशी पाड़ा इलाके में हलचल मच गई। फिलहाल पुलिस की छापेमारी और जांच जारी है। लूट की रकम, हथियार और अन्य साक्ष्यों को लेकर पुलिस की कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही सोनारी में हुई बरामदगी और कार्रवाई से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी।
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