
Ranchi : गुमला के डुमरी थाना क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को उग्रवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठन जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) के सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, रामदेव लोहरा पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
गुप्त सूचना पर चलाया गया अभियान
आईजी अभियान नरेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि JJMP का सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा अपने दस्ते के सदस्यों के साथ डुमरी थाना क्षेत्र के अकासी और जयरागी गांवों के आसपास सक्रिय है। सूचना का सत्यापन करने के बाद गुमला एसपी के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीम ने इलाके में अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान घेराबंदी कर रामदेव लोहरा समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पांच लाख का इनामी था रामदेव लोहरा
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार रामदेव लोहरा, पिता बालमुकुंद लोहरा, लातेहार जिले के बिंगड़ा गांव का रहने वाला है। उसे जेजेएमपी का सब-जोनल कमांडर बताया गया है और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान अरविंद नायक, पिता सहदेव नायक, निवासी कोने गांव, थाना लातेहार, जिला लातेहार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह जेजेएमपी का एरिया कमांडर है। तीसरे आरोपी मुनेश्वर सिंह, पिता सोहराय सिंह, निवासी किता मक्का, थाना जोबांग, जिला लोहरदगा को जेजेएमपी का सदस्य बताया गया है। चौथे आरोपी की पहचान जितेंद्र लोहरा, निवासी उजरा, थाना डुमरी, जिला गुमला के रूप में हुई है।
एके-56 और एसएलआर समेत हथियार बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने हथियार, गोलियां और अन्य सामान बरामद किए हैं। बरामदगी में एक एके-56 राइफल और मैगजीन, एक एसएलआर राइफल और मैगजीन तथा एक सेमी-ऑटोमेटिक राइफल शामिल है। इसके अलावा एके-47, एसएलआर और सेमी-ऑटोमेटिक राइफल में इस्तेमाल होने वाले जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक वॉकी-टॉकी, आठ मोबाइल फोन, एक वाई-फाई डोंगल और जेजेएमपी/नक्सली संगठनों से संबंधित पर्चे भी जब्त किए हैं।
उग्रवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संगठन की गतिविधियों और उसके सदस्यों से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। सुरक्षा बलों का अभियान क्षेत्र में लगातार जारी है। इस कार्रवाई को गुमला और आसपास के इलाकों में उग्रवाद विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।


