
रामगढ़ : नया सिरका गांव में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। खेत में बने एक कच्चे कुएं में अचानक दो हाथी गिर गए। इनमें एक छोटा बच्चा भी था। रात के सन्नाटे में जब कुएं से हाथियों के जोर-जोर से चिंघाड़ने की आवाज आने लगी, तब जाकर ग्रामीणों को घटना का पता चला। गांव वालों ने तुरंत फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को इसकी खबर दी।
जेसीबी से रास्ता बना, निकाले गए हाथी
खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हाथियों को गड्ढे से सही-सलामत निकालने के लिए आनन-फानन में जेसीबी बुलाई गई। कुएं के किनारे की मिट्टी खोदकर एक ढलानदार रास्ता तैयार किया गया, जिससे दोनों हाथी मंगलवार तड़के आसानी से ऊपर आ सके। राहत की बात यह रही कि कुआं कच्चा और मिट्टी का था, जिससे हाथियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
जंगल में फिर जमा जमावड़ा, एलर्ट पर ग्रामीण
कुएं से बाहर निकलते ही दोनों हाथी सीधे पास के जंगलों की ओर भाग निकले। वनरक्षी नीलेश पोद्दार के अनुसार, इन दिनों खोखा के जंगलों में करीब 21 हाथियों का दल डेरा डाले हुए है। यह दोनों हाथी उसी टोली से बिछड़कर हादसे का शिकार हो गए थे। इसके अलावा हेसल के जंगलों में भी दो हाथियों की मौजूदगी पाई गई है। हाथियों के लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के लोगों को अलर्ट रहने और रात के समय जंगल की तरफ न जाने की चेतावनी जारी की है।
इसके पूर्व रजरप्पा इलाके में सोमवार सुबह हाथियों ने दो महिलाओं को कुचलकर मार डाला, जबकि एक अन्य महिला को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। दिनभर आसपास के गांवों में आतंक मचाने के बाद यह झुंड गोला इलाके की तरफ निकल गया।


