
चाईबासा : वेतन और भत्ते की देरी से परेशान झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई की बैठक सोमवार को सदर अनुमंडल कार्यालय परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सदानंद होता ने की। बैठक में मुख्य रूप से जनसेवकों, मनरेगा कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के लंबित भुगतान का मुद्दा उठा।

22 महीने से नहीं मिला वेतन
बैठक में कर्मचारियों ने बताया कि जिले में मनरेगा कर्मियों का 3 से 4 महीने का मानदेय अभी तक नहीं दिया गया है। वहीं तकनीकी सहायक और अभियंताओं का 7 से 8 महीने का भुगतान रुका हुआ है। सबसे गंभीर स्थिति रोजगार सेवकों की है। अरुण कुमार, बबलू साहू और उदय पूरती को पिछले 22 महीनों से एक भी महीने का वेतन नहीं मिला है। रोजगार सेवक अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि “22 महीने से पेमेंट नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और घर के जरूरी खर्चे तक पूरे नहीं हो पा रहे हैं।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार
वक्ताओं ने कहा कि इतने लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। कई कर्मचारियों को कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।
तुरंत भुगतान की मांग
महासंघ ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित बकाया का भुगतान तत्काल किया जाए। साथ ही भविष्य में वेतन समय पर देने की पुख्ता व्यवस्था बनाई जाए ताकि कर्मचारियों को बार-बार इस परेशानी का सामना न करना पड़े।महासंघ ने चेतावनी दी कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन तेज करेगा।
बैठक में मौजूद रहे
बैठक में सुनीता बारी, जगमोहन सुरीन, हीराल दास, केशवती देवगम, दिगंबर कुमार, दिवाकर पान, अशोक निषाद, मंगल सिंह बारला, वासुदेव गोप, माहेश्वर पान, लक्ष्मी कुमारी और लालसिंह भूमिज सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
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