Chaibasa (Jharkhand) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड स्थित कराईकेला श्मशान भूमि विवाद कई दिनों बाद गुरुवार को खत्म हो गया। ग्रामीणों की मांग पर सीओ भीष्म कुमार के निर्देश पर शमशान सीमा से सटी जमीन की मापी की गई।
बता दें कि वहां रियायती जमीन के मालिक शवदाह या गाड़ने से मना कर दिया करते थे। इससे लोगों में आक्रोश था।
ग्रामीणों की एकजुटता रंग लाई
इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर अंचल कार्यालय में आवेदन दिया। उन्होंने अंचल कार्यालय के अमीन सुलेमान बारंगबुरू, राजस्व कर्मचारी तुलसी पिंगुवा के सहयोग से श्मशान भूमि का नक्शा निकलवाया। नक्शे में पाया गया कि श्मशान भूमि काफी लंबी-चौड़ी है। उसके बाद श्मशान भूमि की सीमा पर चारों तरफ से पिलर गाड दिया गया।ताकि, कोई भी श्मशान भूमि को अपना बता कर दखल न कर सके। एक तरफ और भी जमीन की मापी बाकी है। उसकी एक-दो दिन में मापी की जाएगी।
इन पांच गांवों के लोग करते हैं शवदाह
इस श्मशान में बाऊरीसाई, कराईकेला नायक टोला, कितापीड, दुबसुरी समेत पांच गांव के लोग सदियों से शवदाह कर रहे थे। लाश जलाने पर मना करने से यह विवाद हुआ और सभी गांव के लोगों ने एकजुट होकर सीमांकन कराया। मापी में श्मशान एरिया सही निकला। इस पर लोगों ने खुशी जाहिर की। किसी तरह के विवाद के बिना मापी शांतिपूर्वक पूरी हुई। समाचार लिखे जाने तक लोग वहां डटे और पिलर गाड़ते रहे। इस दौरान ग्राम मुंडा परमेश्वर महतो ,नरेंद्र प्रसाद महतो, जितेंद्र प्रसाद महतो, शांतनु महतो समेत पांच गांव के अनेक लोग उपस्थित थे।
इस दौरान पर ग्राम मुंडा परमेश्वर महतो ने कहा कि विवादित श्मशान भूमि की सरकारी अमीन से मापी कराई गई। जमीन का सही सलामत सीमांकन हुआ। किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। मापी शांतिपूर्वक हुई। शमशान भूमि से सटे रैयतधारी भी उपस्थित थे।

