रामगढ़ : 15 मई तक रामगढ़ को मॉडर्न डिजिटल जिला घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और डिजिटल सेवाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अस्पतालों में भीड़ कम होगी। साथ ही मरीजों को बेहतर व त्वरित इलाज मिल सकेगा।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन झारखंड के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन, जांच रिपोर्ट और दवा से जुड़ी प्रक्रियाएं भी आसान हो जाएंगी।
रामगढ़ जिले को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल जिला के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है। इसके साथ-साथ कोडरमा और गुमला को भी मॉडर्न जिला बनाने के लिए चयनित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इन जिलों में सरकारी से लेकर निजी सेवाएं पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो, ताकि लोगों को मोबाइल पर ही सारी जांच मिल सके।
अधिकारियों को दिए कई दिशा-निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि अब स्वास्थ्य सेवाओं को भी तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इस क्रम में विद्यानंद शर्मा पंकज ने सदर अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ बैठक कर कई अहम दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि रामगढ़ को मॉडर्न जिला बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल किया जाए। अस्पताल को पेपरलेस बनाने, मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने और सभी सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। इससे मरीजों को कागजी पर्ची और फाइलों से छुटकारा मिलेगी और उनकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री मोबाइल पर उपलब्ध रहेगी। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन, जांच रिपोर्ट और दवा से जुड़ी प्रक्रियाएं भी आसान हो जाएंगी।
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