
रांची : राज्य के ओपन जेल में सुविधाओं के विस्तार को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि ओपन जेल के विस्तार के लिए हजारीबाग में 32 एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित कर गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि महिला बंदियों के लिए अलग ओपन जेल विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि स्थायी सेंट्रल ओपन जेल बनने तक रांची, हजारीबाग, दुमका समेत चार केंद्रीय कारागारों में ओपन जेल की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी में झारखंड की ओर से वंदना दादेल को नामित किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
बाल पोषाहार मामले में राज्य की अपील खारिज
रांची। अपर न्यायायुक्त-5 शैलेंद्र कुमार की अदालत ने बाल पोषाहार मामले में राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए विपुल भगत और देवी साहू को ट्रायल कोर्ट से मिली बरी की राहत बरकरार रखी। बेड़ो थाना कांड संख्या 27/2017 से जुड़े मामले में अदालत ने पाया कि अभियोजन के साक्ष्यों में कई गंभीर खामियां थीं। एक गवाह पक्षद्रोही हो गया, जब्ती की पुष्टि नहीं हुई और न ही आईओ व ऑटो चालक की गवाही कराई गई। पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य के अभाव में अदालत ने 22 दिसंबर 2023 के बरी करने के फैसले को यथावत रखा।
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