
Jamshedpur : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बोनस समझौते पर सोमवार को आधिकारिक मुहर लगने की संभावना है। शनिवार को कंपनी प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच दो दौर की वार्ता हुई, जिसमें बोनस से जुड़े कई प्रमुख बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति बनने की बात सामने आई है।
यह समझौता कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर व्हीकल कारोबार के डीमर्जर के बाद जमशेदपुर प्लांट का पहला बोनस समझौता होगा। कंपनी का पुनर्गठन 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ था। ऐसे में बोनस निर्धारण के लिए पांचों प्लांटों की छह महीने की संयुक्त वित्तीय रिपोर्ट और जमशेदपुर प्लांट के बाद के छह महीने के प्रदर्शन को आधार बनाया जा रहा है।
शनिवार को प्लांट हेड अनुराग छारिया, एचआर हेड प्रणव कुमार और ईआर सौमिक राय की यूनियन अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद तथा महामंत्री आरके सिंह के साथ सुबह और शाम दो चरणों में बैठक हुई। वार्ता में उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा और मुनाफे को आधार बनाकर पुराने बोनस फार्मूले के तहत चर्चा की गई। नए वित्तीय वर्ष से नए फार्मूले पर बातचीत होने की संभावना है।
करीब 8 हजार कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में समेकित रूप से 3,030 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। जमशेदपुर प्लांट के करीब 8,000 स्थायी कर्मचारियों को इस बार बोनस का लाभ मिलने की उम्मीद है।
बाय-सिक्स कर्मचारियों के स्थायीकरण के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस बार यूनियन के सामने स्थायीकरण का अतिरिक्त मुद्दा नहीं है। इससे बोनस वार्ता मुख्य रूप से उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर केंद्रित है।
पिछले साल मिला था 12.3 प्रतिशत बोनस
वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों को 12.3 प्रतिशत बोनस मिला था। उस समय न्यूनतम बोनस राशि 50,160 रुपये और अधिकतम 75,223 रुपये रही थी।
पिछले दस वर्षों में बोनस प्रतिशत में उतार-चढ़ाव रहा है। वर्ष 2015-16 में 12 प्रतिशत, 2016-17 में 10 प्रतिशत, 2017-18 में 12.20 प्रतिशत, 2018-19 में 12.90 प्रतिशत, 2019-20 में 10 प्रतिशत, 2020-21 में 10.60 प्रतिशत, 2021-22 में 10.67 प्रतिशत, 2022-23 में 11.50 प्रतिशत, 2023-24 में 11 प्रतिशत और 2024-25 में 12.30 प्रतिशत बोनस दिया गया था।

