जामताड़ा : पुलिस ने साईबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं कई जगहों पर गिरोह के सदस्य सक्रिय थे। एक साईबर फ्रॉड जामताड़ा में बहन के घर में रहकर धंधा चला रहा था। यहीं से अपने नेटवर्क को कमांड कर रहा था। देशभर के लोगों को बिजली बिल और कार्ड बंद होने के नाम पर ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस ने जीजा-साला समेत पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जामताड़ा जिले में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाला एक बड़ा गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये साईबर फ्रॉड लोगों को फोन कर बिजली बिल, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाकर ठगी करते थे। सुराग मिलने पर पुलिस ने दबिश दी।
जामताड़ा एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने नारायणपुर और करमाटांड़ इलाके में छापेमारी की। पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को दबोच लिया।
15 मोबाइल, दो लैपटॉप और 50 हजार रुपये नकद बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 मोबाइल फोन, 14 फर्जी सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी सामान को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
गिरफ्तार अपराधियों में विष्णु मंडल, सचिन मंडल, सागर नायक, किशोर दास और विश्वजीत दास शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में पता चला कि विश्वजीत दास अपनी बहन और जीजा के घर में रहकर साइबर ठगी का काम कर रहा था। वहीं दूसरे आरोपी भी गांव में रहकर लोगों को फोन कर ठगी कर रहे थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को फोन कर कहते थे कि उनका बिजली बिल बकाया है या उनका डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है। इसके बाद वे लोगों से बैंक की जानकारी और ओटीपी हासिल कर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दो आरोपी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं। अब पुलिस इनके मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

