रांची : झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के 16वें दिन शनिवार को जमशेदपुर की 86 बस्तियों के मालिकाना हक का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास साहू ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र स्थित 86 बस्तियों के लोगों को कब तक मालिकाना हक मिलेगा? शनिवार को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 10:30 बजे शुरू हुई, जिसमें पूर्णिमा दास ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने बताया कि पूर्व की सरकार ने 2018 में इस मुद्दे पर नियमावली बनाई थी।
भाजपा और झामुमो के नेताओं के आश्वासन पर सवाल
पूर्णिमा दास ने विधानसभा में कहा कि भाजपा, झामुमो और अन्य दलों के नेताओं ने विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों को मालिकाना हक देने का आश्वासन दिया था। झामुमो विधायक कल्पना सोरेन ने भी बस्ती में जाकर इस आश्वासन को दोहराया था। “लेकिन सरकार इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?”
मंत्री दीपक बिरुवा का जवाब
इस मुद्दे पर प्रभारी मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि वर्ष 2018 के नियम के तहत केवल तीन ही आवेदन प्राप्त हुए हैं। “अन्य लोगों ने आवेदन ही नहीं दिया है।”
मंत्री रामदास सोरेन ने जताया विरोध
इस दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री व झामुमो विधायक रामदास सोरेन उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा, “रघुवर नगर किसने बसाया? विधायक मद से राशि कैसे खर्च की गई?”
पूर्णिमा दास की जोरदार प्रतिक्रिया
इस पर पूर्णिमा दास ने पलटवार करते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “कल्पना सोरेन ने भी मालिकाना हक देने का आश्वासन दिया था। अब सरकार अपने आश्वासन से पीछे क्यों हट रही है?”

