
सीईओ ने डॉक्यूमेंट्स के डिजिटाइजेशन व भौतिक संरक्षण का दिया गया
बीएलओ घर-घर जाकर दो प्रतियों में उपलब्ध करा रहे हैं इन्यूमेरेशन फॉर्म
फॉर्म पर हर मतदाता को चिपकानी होगी नई रंगीन पासपोर्ट आकार की फोटो
रांची : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जमा किए जाने वाले दस्तावेजों को स्थायी रिकॉर्ड के रूप में संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन करने के साथ-साथ उनके भौतिक संरक्षण की भी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
सोमवार को जूम बैठक के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता इन्यूमेरेशन फॉर्म भरते समय वर्तमान की सभी जानकारियां सही-सही दर्ज करें। यदि किसी अन्य दस्तावेज में त्रुटि है तो केवल मिलान के लिए वोटर आईडी में गलत जानकारी न भरें। वहीं, मैपिंग कॉलम में पूर्व की एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज विवरण को हूबहू अंकित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सभी जिलों को 14 जुलाई को बीएलओ और बीएलए-2 के साथ चुनाव पाठशाला आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
सीईओ ने बताया कि ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर दो प्रतियों में इन्यूमेरेशन फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। फॉर्म पर बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर, मतदाता का नाम, एपिक नंबर, पता, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और यूनिक क्यूआर कोड पहले से मुद्रित है। मतदाता को नई रंगीन पासपोर्ट आकार की फोटो चिपकानी होगी या बीएलओ एप के माध्यम से फोटो अपलोड की जाएगी।
तीन अलग-अलग श्रेणियां में भरना है विवरण
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि फॉर्म के दूसरे भाग में जन्मतिथि के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में पूर्व की एसआईआर मतदाता सूची का विवरण भरना होगा। वहीं तीसरे भाग में जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, आधार (वैकल्पिक), माता-पिता एवं पति-पत्नी से संबंधित वर्तमान जानकारी दर्ज करनी होगी। अंतिम भाग में यह घोषणा करनी होगी कि मतदाता किसी अन्य देश का नागरिक नहीं है, किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल नहीं है तथा दी गई जानकारी सही है। इसके बाद हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।
नहीं संलग्न करना है कोई अतिरिक्त दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि भरा हुआ इन्यूमेरेशन फॉर्म जल्द से जल्द बीएलओ को जमा करें। इस फॉर्म के साथ कोई अतिरिक्त दस्तावेज संलग्न नहीं करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी विदेशी नागरिक द्वारा गलत जानकारी देकर फॉर्म भरना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में संबंधित ईआरओ सीधे एफआईआर दर्ज करेंगे। बैठक में राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं अन्य निर्वाचन अधिकारी जूम के माध्यम से शामिल हुए।

