RANCHI: झारखंड में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। राज्य के कई जिलों में आम, लीची, तरबूज, खरबूज, मक्का, दलहन और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें और फलदार पेड़ों को भी क्षति पहुंची है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सभी उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। वहीं तीन दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
प्राकृतिक आपदा की तैयारियों की जानकारी
मंत्री ने विभाग की सचिव विप्रा भाल के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राज्य में संभावित प्राकृतिक आपदाओं को लेकर तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत क्षति रिपोर्ट सरकार को सौंपे ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
किसानों के साथ मजबूती से खड़ी सरकार
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित किसान या पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार ने आपदा राहत एवं प्रबंधन कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये आपदा कोष में आवंटित करने की घोषणा की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अतिवृष्टि, सर्पदंश, सड़क दुर्घटना, गैस रिसाव, डूबने, आंधी-तूफान और ग्रीष्म लहर जैसी आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में उपयोग की जाएगी।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदा प्रबंधन और आकस्मिक योजनाओं के संचालन के लिए 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी निर्धारित की गई है। मंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक टीम तत्काल सक्रिय हो। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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