
रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांटों में कर्मियों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि हेल्थ सेफ्टी एडवाइजरी बोर्ड का गठन और हेल्थ सेफ्टी एंड ऑक्यूपेशनल रूल्स, 2025 का ड्राफ्ट कब तक तैयार होगा। कोर्ट ने दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान बताया गया कि चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज का पद रिक्त है और फिलहाल प्रभारी अधिकारी कार्य देख रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
सजा पुनरीक्षण बोर्ड की बैठक में देरी पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
रांची: आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि सजा पुनरीक्षण बोर्ड की बैठक निर्धारित तीन माह के भीतर क्यों नहीं हुई। सरकार ने बताया कि मार्च 2026 में पिछली बैठक हुई थी, जबकि जून की बैठक कुछ कारणों से नहीं हो सकी और अब 30 जुलाई को बैठक निर्धारित है।
इस पर अदालत ने देरी का कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया और 30 जुलाई की बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सजा पुनरीक्षण बोर्ड की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जानी है, जिसकी निगरानी हाई कोर्ट इस जनहित याचिका के माध्यम से कर रहा है।

