
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच अब तेज हो गई है। इसी सिलसिले में सीआईडी की टीम ने आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. जमाल अहमद को तलब कर घंटों सवाल-जवाब किए। हालांकि, पूछताछ के दौरान डॉ. अहमद ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है।
मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के बयानों को आधार बनाकर सीआईडी ने डॉ. जमाल से कड़े सवाल पूछे। अभय तिवारी ने दावा किया था कि हजारीबाग के बिचौलियों के जरिए परीक्षार्थियों से पैसे ऐंठे जाते थे और इसमें आयोग के लोग शामिल थे। डॉ. जमाल ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और तथ्यहीन करार दिया है ।
सीआईडी के पूछे तीखे सवाल
जांच एजेंसी ने पूर्व सदस्य से कई अहम बिंदुओं पर जवाब मांगा। पूछा कि जब टीडीपीएल एजेंसी पहले से विवादित और ब्लैकलिस्टेड थी, तो फिर उसे परीक्षा कराने की जिम्मेदारी किसकी सिफारिश पर दी गई?ओएमआर शीट में हेरफेर, डेटा गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी आशंकाओं को रोकने के लिए निगरानी का क्या इंतजाम किया गया था? इन सवालों का संतोषजनक जवाब वे नहीं दे सके।
दोबारा बुलावा संभव
सूत्रों के मुताबिक, कई अहम सवालों पर डॉ. जमाल अहमद के जवाबों से सीआईडी संतुष्ट नजर नहीं आई। ऐसे में एजेंसी उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुला सकती है। सीआईडी फिलहाल अभय तिवारी के बयानों से जुड़े सबूत जुटा रही है ताकि आने वाले दिनों में मामले में शामिल अन्य संदिग्धों पर शिकंजा कसा जा सके। आयोग के अन्य पूर्व सदस्यों से भी एक-एक कर पूछताछ की तैयारी है।

