
रांची :झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ जांच एजेंसी CID का शिकंजा कसता जा रहा है। जांच टीम ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के सचिव सुधीर गुप्ता और दफ्तर के कई अन्य अफसरों को आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए।
अधिकारियों से पूछताछ और कागजातों की जांच
पिछले दिनों हुई छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ जो भी जरूरी दस्तावेज लगे थे, अब उनकी गहनता से जांच की जा रही है। इन्हीं कागजात का मिलान कराने के लिए आयोग के सचिव को मंगलवार के बाद बुधवार को भी तलब किया गया। अधिकारी उनसे एक-एक पन्ने का ब्योरा मांग रहे हैं। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर फिलहाल जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
तीनों अभ्यर्थियों से राज उगलवाने की कोशिश
दूसरी तरफ, लोक सेवा आयोग की 14वीं परीक्षा में गड़बड़ी करके पास होने वाले तीन अभ्यर्थियों-उमाकांत उरांव, मनोज कुमार और रोशन केरकेट्टा से भी दूसरे दिन लगातार पूछताछ हुई। अदालत से पांच दिनों की मोहलत मिलने के बाद पुलिस इनसे सच उगलवाने में जुटी है।
इन अहम बिंदुओं पर टिकी है जांच
उतर-पुस्तिका (OMR शीट) में फेरबदल कैसे और किसके इशारे पर की गई।
इस पूरे खेल के पीछे कौन-कौन से दलाल और गिरोह (सिंडिकेट) शामिल हैं।
पास कराने के एवज में किन-किन लोगों के बीच कितने रुपयों का लेनदेन हुआ।
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